ओरन (बांदा)। टायर कारोबारी के सामने ही पत्नी और बेटी जिंदा जल गईं। पत्नी और बेटी को बचाने की हर कोशिश बेकार रही। हालांकि लपटों के बीच वह बेटे को बचाकर बाहर निकाल लाए। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बिसंडा के रहने वाले राम निहोर साहू (35) का अतर्रा रोड पर सीएचसी के सामने दो मंजिला मकान है। राम निहोर टायर का व्यापार करते हैं। मकान में ही नीचे उनकी दुकान है। उनकी बेटी छवि बिसंडा के आदेश इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ती थी, जबकि बेटा अंशू 11वीं कक्षा में पढ़ता है। बृहस्पतिवार रात 8:30 शॉर्ट सर्किट से मकान में नीचे बनी दुकान में आग लग गई। बैटरी, टायर और जनरेटर की वजह से आग तेजी से भड़क गई। घर में कारोबारी की पत्नी संगीता (32), बेटी छवि (13) और बेटा अंशू (17) अंशू मौजूद थे। जबकि रामनिहोर घर के बाहर किसी से बात कर रहे थे।
अचानक शार्ट सर्किट से आग लगने के कारण उसका परिवार लपटों में फंस गया। लपटें उठती देखकर राम निहोर दौड़कर पहुंचे। पत्नी, बेटे और बेटी को बचाने की कोशिश की लेकिन सिर्फ बेटा अंशू को ही बाहर निकाल पाए। इसके बाद उन्होंने चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की पर सफल नहीं हुए। इसके बाद फायर ब्रिगेड बुलाई गई। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद जेसीबी से घर की दीवार तोड़ी। इसके बाद कारोबारी की पत्नी और बेटी को बाहर निकाला जा सका।
सभी को बिसंडा पीएचसी में उपचार के लिए भेजा गया। जहां मां और बेटी की मौत की पुष्टि कर दी गई। राम निहोर ने बताया कि 20 लाख का सामान और डेढ़ लाख नकद जल गए हैं। साथ ही फायर ब्रिगेड पर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे की सूचना देने के दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। अगर टाइम पर पहुंचती तो हो सकता था कि पत्नी और बेटी की जान बच जाती।
बबेरू क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि टायर व्यापारी के मकान में आग लगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घर की दीवार तोड़कर महिला और बच्ची को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया। दोनों की मौत हो चुकी थी। आग पर अब काबू पा लिया गया है।
फोटो - 17 बिसंडा में टायर कारोबारी की दुकान में लगी आग। संवाद
फोटो - 17 बिसंडा में टायर कारोबारी की दुकान में लगी आग। संवाद