राह में ही रुककर जूस पीकर गर्मी से बचाव करतीं युवतियां।
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मई के आखिरी हफ्ते में बुंदेलखंड फिर तप उठा है। बुधवार को एक बार फिर यहां का तापमान 48 डिग्री पहुंच गया है। यह सामान्य से 8 डिग्री ज्यादा है। 48 डिग्री सेल्सियस के साथ हमीरपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा। गर्म हवाओं के थपेड़ों और धूप की जबरदस्त तपिश से जनजीवन बेहाल रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अभी कई दिन पारे में वृद्धि होगी। राहत के आसार नहीं हैं।
बुंदेलखंड के बारे में कहा जाता था कि पहाड़ी क्षेत्र होने से दिन में भले तपिश रहे, लेकिन रात ठंडी होती थी, लेकिन अब यह धारणा भी गलत साबित हो रही है। रात में न्यूनतम पारा भी 30 डिग्री से कम नहीं हो रहा। संपन्न लोग दिन रात एयरकंडीशन और कूलर से बचाव कर रहे हैं। मध्यम और गरीब तबके के लोग हलाकान हैं। बुधवार को मौसम और तल्ख रहा। दोपहर बाद बांदा का पारा 47 डिग्री से अधिक जा पहुंचा। पूरब से उत्तर की ओर चल रही 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गर्म हवाओं ने मौसम और कष्टदायी बना दिया।
मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक मंडल में हमीरपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस सीजन का यहां यह सबसे गर्म दिन था। इसी तरह बांदा जिले में 47.5 और महोबा में 47 तथा चित्रकूट में 46 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
केंद्रीय जल आयोग में मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान में और वृद्धि के आसार हैं। बांदा सहित कई जिलों में पारा 48 डिग्री रहेगा। उधर, कृषि विश्वविद्यालय में मौसम वैज्ञानिक दिनेश साहा का कहना है कि पूरब-उत्तर की हवाओं से नमी नदारद रहती है। सूखी और गर्म हवाओं से तपन और तापमान में वृद्धि होती है। 3-4 दिनों में मौसम में परिवर्तन की उम्मीद है। नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक गर्मी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी करने आई एएनएम ममता चक्कर खाकर गिर पड़ी। उसके शरीर में कई जगह चोट आई। प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया।