बांदा। भारतीय सेना में भी बेटियों को बराबरी का हक/स्थायी कमीशन दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर बुंदेली बेटियां भी खुश हैं। रक्षा मंत्रालय के इस आदेश का बेटियों ने खुलकर स्वागत किया है। दलील दी है कि महिला सैनिक अब और जोश व जज्बे से देश की रक्षा कर नाम रोशन करेंगी। अब युवतियों में भी सेना का आकर्षण बढ़ेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
बेटियां किसी से कम नहीं
नर्सिंग मेडिकल छात्रा और अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान की महिला जिलाध्यक्ष अर्चना द्विवेदी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार का उठाया गया यह कदम सेना में कार्यरत महिला सैनिकों का भविष्य और उज्ज्वल होगा। अब उन्हें रिटायरमेंट तक सेवा का लाभ मिलेगा। बेटियां किसी क्षेत्र में कम नहीं होतीं।
लैंगिक भेदभाव खत्म होगा
एमए की छात्रा ज्योति ओमर ने कहा कि बराबरी की हकदारी से सेना के प्रति महिलाओं में और आकर्षण बढ़ेगा। वह और ज्यादा जज्बे से सेना में भर्ती होकर देश के साथ अपना भविष्य संवारेंगी। अब यह भी साबित कर सकेंगी कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। इससे लैंगिक भेदभाव समाप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
महिलाओं का बढ़ेगा उत्साह
बीएड की छात्रा सोनाली अग्रवाल की राय में सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन बहुत ही स्वागत योग्य फैसला है। यह पहले ही हो जाना चाहिए था। सेना में महिलाओं को भी अब सेवानिवृत्त की उम्र तक मौका मिलेगा। अभी तक स्थायी कमीशन का अधिकार सिर्फ पुरुषों को था। इससे महिलाओं का उत्साह बढ़ेगा।
ज्यादा समय कर सकेंगी देशसेवा
एमकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा साक्षी गुप्ता ने महिलाओं को स्थायी कमीशन देने पर खुशी जताई। कहा कि अब सेना में भी महिलाओं को भी बराबरी का हक हासिल होगा। जो ओहदे उनको नहीं मिल पाते थे अब स्थायी कमीशन के बाद मिल सकेंगे। महिलाएं अब ज्यादा समय तक देश की सेवा कर सकेंगी। उनका हौसला बढ़ेगा।
महिलाएं दिखा सकेंगी दमखम
बीएड छात्रा अंकिता सोनी का कहना है कि कोई भी क्षेत्र हो महिलाओं ने हमेशा अपनी बहादुरी और महारत दिखाई है। सेना में उन्हें मौका नहीं मिल रहा था। स्थायी कमीशन के बाद अब यहां भी अपना दमखम दिखा सकेंगी। थल सेना, जल सेना और वायु सेना में बेटियों का अहम योगदान है। इससे और बेहतर कार्य कर सकेंगी।
ज्योति ओमर।- फोटो : BANDA
सोनाली अग्रवाल।- फोटो : BANDA
ाक्षी गुप्ता।- फोटो : BANDA