बाजार में खड़ी कार का शीशा तोड़कर लखनऊ के व्यवसायी की साढ़े चार लाख रुपये से भरी अटैची पार करने वाले चोरों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। उधर, कुछ घंटों बाद अटैची वीआईपी इलाके सिविल लाइन में जीआईसी ग्राउंड पर पड़ी मिली। उससे रुपये गायब थे। अन्य सामान मौजूद था। पुलिस ने 6 संदिग्ध लोगों को उठाया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ के व्यवसायी रावेंद्र प्रताप सिंह सोमवार को रामलीला रोड पर अपने मित्र और भाजपा के पूर्व विधायक के भाई डा. मनोज शिवहरे से मिलने आए थे। वह इलेक्ट्रॉनिक की दुकान के सामाने कार खड़ी कर डा.मनोज से बातचीत करने लगे।
इसी बीच चोर कार का शीशा तोड़कर अंदर रखी अटैची उड़ा ले गए। उसमें साढ़े चार लाख रुपये सहित चेकबुक और कागजात थे। कुछ देर बाद पुलिस ने जीआईसी ग्राउंड से अटैची बरामद की। उसमें रुपये नहीं थे। क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से मदद लेकर छह संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
उधर, भाजपा विधायक के चचेरे भाई राघवेंद्र द्विवेदी को जहर खिलाकर हत्या के मामले में नामजद दो सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों में से किसी को भी पुलिस दूसरे दिन भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं।