बांदा। घरेलू तनाव के चलते कोटेदार फांसी पर झूल गया। अतिवृष्टि से बुवाई न हो पाने और ढाई लाख का कर्ज होने का तनाव बताया गया है। उधर, दूसरी घटना में महिला ने ससुराल में आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मरका रोड स्थित गुरौली शुक्लन पुरवा में रामभवन मौर्य (56) सरकारी राशन का दुकानदार (कोटेदार) था। सोमवार की शाम घर में उसने कमरे की छत में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गया। उसकी वहीं मौत हो गई। घटना के वक्त पत्नी और पुत्रियां खेत में थे। वापस लौटने पर शव लटकता देखा।
कोटेदार की आत्महत्या की खबर से बड़ी संख्या में गांव के लोग आ गए। बबेरू कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक का भाई चंद्रभवन मौर्य पीएसी में कांस्टेबल है। उसने बताया कि रामभवन के नाम 23 बीघा जमीन है। अतिवृष्टि से खेत में भराव हो गया है। इससे अब तक बुवाई नहीं हो पाई।
चंद्रभवन के मुताबिक इसे लेकर रामभवन काफी परेशान था। इसके अलावा उसे बेटी की शादी की भी काफी चिंता थी। उसने बेटी की शादी तय कर दी थी। लेकिन वर पक्ष के लोगों ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। रामभवन को काफी सदमा पहुंचा। इसके अलावा रामभवन पर बैंक का ढाई लाख रुपये कर्ज भी बताया गया है। चंद्रभवन के मुताबिक इन्हीं सब तनावों और परेशानियों से तंग आकर रामभवन ने आत्महत्या कर ली। मृतक अपने पीछे पत्नी सहित चार पुत्रियां व एक पुत्र छोड़ गया है।
उधर, दूसरी घटना कालिंजर थाना क्षेत्र में तिलाही गली की है। यहां भागवती (36) पत्नी महेश सोनकर ने सोमवार को दोपहर ससुराल में अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। पति मजदूरी करने निकला हुआ था। घर में दिव्यांग पुत्र था। उसके शोर पर पड़ोसी आए और आग बुझाई। परिजन भागवती को गंभीर अवस्था में मेडिकल कालेज लेकर आए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पति ने बताया कि भागवती पूजा-अर्चना ज्यादा करती थी। मानसिक रूप से भी कुछ परेशान थी। मृतक के तीन पुत्र हैं।