बांदा। मंडलायुक्त शरद कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि जन समस्याओं और शिकायतों आदि के निस्तारण में विलंब करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी दीपक कुमार ने अतिक्रमण वालों को जेल भेजने का निर्देश दिया है। डीएम हीरालाल ने कामों में रुचि न लेने पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिकारियों के तेवर तीखे रहे। अतर्रा तहसील में आयोजित दिवस में मंडलायुक्त ने अफसरों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें देरी करने पर माफ नहीं किया जाएगा। डीआईजी दीपक कुमार ने क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता और निष्पक्षता से करें। फरियादियों से शालीनता से पेश आएं।
डीएम हीरालाल ने तेंदुही गांव में टूटी एलटी लाइन पर कार्रवाई न करने पर अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए। जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण करें। मनरेगा के परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा को निर्देश दिए कि छह माह में जिन प्रार्थना पत्रों पर उन्होंने (डीएम ने) मार्क किया है उनमें कितनों का मौके पर जाकर निस्तारण किया? इसकी रिपोर्ट आज ही पेश करें। सीडीओ को निर्देश दिए कि हफ्ते में एक बार विकास भवन कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण करें।
जर्जर सरकारी भवनों को कंडम घोषित कर नए का प्रस्ताव भेजें। राजस्व, बिजली और विकास कार्यों की शिकायतें ज्यादा मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निर्देश दिए कि फरियादियों को गंभीरता से सुनें और प्राथमिकता से मौके पर जाकर निस्तारण करें। इसकी रिपोर्ट डीएम को भी भेजे। पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने पुलिस से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की और कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में 139 मामले आए। 11 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, अपर एसपी एलबीके पाल, सीएमओ डा.संतोष कुमार, डीएफओ संजय अग्रवाल, एसडीएम सौरभ शुक्ला, डीआईओएस विनोद कुमार, डीपीआरओ संजय यादव, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ, जल निगम एक्सईएन वीरेंद्र श्रीवास्तव, अपर सूचना अधिकारी कुमारी शारदा मौजूद रहे।
ताजमहल की तरह चमकें सरकारी दफ्तर
बांदा। समाधान दिवस पर डीएम हीरा लाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान चलाकर सरकारी कार्यालयों और आवासों को साफ-सुथरा बनाएं। हर कार्यालय ताजमहल की तरह चमकता नजर आना चाहिए।
वह किसी भी समय निरीक्षण करेंगे। गंदगी मिलने पर सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी सरकारी आवासों में रह रहे हैं उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि घर के साथ आफिस को भी साफ-सुथरा रखें। जो कर्मचारी अपने पटल का काम करने में असमर्थता जताता है उसको बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। कहा कि सरकार हम सभी को वेतन देती है। पूरी रुचि से काम करें।