फोटो-5-भगवानदीन। फाइल फोटो
21 अगस्त को चंद्रावल किनारे मवेशी चराने गया था
एसडीआरएफ ने भी की थी तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
पैलानी। चंद्रावल नदी किनारे मवेशी चराने गया किसान लापता हो गया था। छह दिन बाद बुधवार सुबह उसका शव पैलानी थाना क्षेत्र के नरी गांव के पास केन नदी में उतराता मिला।
हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर थाना क्षेत्र के धुंधपुर मौहर गांव निवासी भगवानदीन निषाद (55) बीते 21 अगस्त को मवेशी चराने चंद्रावल नदी किनारे गए थे। 22 अगस्त की सुबह करीब छह बजे मवेशी चंद्रावल नदी के दूसरी ओर हमीरपुर के कैथी गांव में मिले।
नदी किनारे भगवानदीन के कपड़े, 130 रुपये, बीड़ी का बंडल, माचिस और छाता भी मिला। परिजन सामान लेकर घर लौट आए। हमीरपुर प्रशासन ने किसान की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगाई लेकिन सफलता नहीं मिली। 25 अगस्त को परिजन ने जसपुरा थाना क्षेत्र के गौरी-अमारा क्षेत्र में भी तलाश की और पुलिस को सूचना दी।
बुधवार सुबह नरी गांव के पास केन नदी में शव उतराता मिला। सूचना पर थाना प्रभारी पैलानी राममोहन राय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर फील्ड यूनिट से जांच कराई गई। इसके बाद परिजन को बुलाया गया।
भगवानदीन दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई का नाम रामखेलावन है। उनके दो बेटे रामबाबू और ओमप्रकाश दिव्यांग हैं। पत्नी राधारानी का रो-रोकर बुरा हाल है। भगवानदीन के पास महज दो बीघा जमीन थी। खेती-किसानी के साथ मजदूरी कर वह परिवार का भरण-पोषण करते थे।
बड़े बेटे रामबाबू ने बताया कि पिता रोजाना मवेशियों को लेकर चंद्रावल नदी किनारे चराने जाते थे और शाम को वापस लौट आते थे। 21 अगस्त को उनके वापस नहीं आने पर तलाश शुरू की गई थी। थाना प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।