बांदा। झील का पुरवा स्थित आवासीय विद्यालय का ताला बुधवार को अग्निशमन विभाग ने खुलवाया। यह विद्यालय 17 अगस्त को दो छात्रों की मौत के बाद से बंद था। निरीक्षण में विद्यालय भवन मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) डॉ. मतलूब हुसैन अपनी टीम के साथ बुधवार शाम आवासीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने विद्यालय संचालन करने वालों से संपर्क कर ताला खुलवाया। सीएफओ ने बताया कि विद्यालय को प्राइमरी के लिए वर्ष 2007 में और जूनियर के लिए वर्ष 2010 में मान्यता मिली थी।
अग्निशमन विभाग की ओर से 24 सितंबर 2009 को जारी एक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रपत्र दिखाया गया। निरीक्षण में भवन मानक के अनुरूप नहीं था और सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिले। आग बुझाने के लिए रखे दो सिलिंडर भी निष्क्रिय पाए गए। विद्यालय प्रबंधन को नोटिस देकर सात दिन में इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सात दिन में इंतजाम नहीं होते, तो विभाग नियमानुसार अगली कार्रवाई करेगा।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
हादसे के बाद से कोतवाली नगर पुलिस विद्यालय में जांच के नाम पर बंद ताले को बाधा बता रही थी। पुलिस का दावा था कि प्रबंधक का मोबाइल बंद होने से जांच नहीं हो सकी। जबकि अग्निशमन विभाग ने आसानी से ताला खुलवाकर अपनी जांच की और नोटिस भी दे दिया। अब सवाल उठ रहा है कि पुलिस ताला क्यों नहीं खुलवा सकी या जानबूझकर आनाकानी कर रही थी। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने पुलिस को विद्यालय के अंदर या बाहर लगे कैमरों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।