संदिग्ध परिस्थितियों में घर के बरामदे में युवक का शव खून से लथपथ मिला। उसके सीने में गोली लगी थी और पास में ही तमंचा पड़ा था। परिजन और पुलिस दोनों ही इसे आत्महत्या बता रहे हैं। मृतक पुणे स्थित एक होटल में मैनेजर था।
घटना बदौसा थाना क्षेत्र के उतरवां गांव की है। यहां मूलचंद्र तिवारी का पुत्र नीरज तिवारी (23) सोमवार की रात घर के बरामदे में चारपाई पर सोया था। मंगलवार को सुबह चाय देने पहुंची मां मालती तिवारी ने नीरज का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा। परिजनों की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने घटनास्थल की जांच की।
चारपाई पर पड़ा 315 बोर तमंचा पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के भाई धीरज तिवारी ने बताया कि नीरज बड़ा था। पुणे स्थित एक होटल में मैनेजर था। 15 अगस्त को यहां आया था। फिर वापस काम पर नहीं गया, हालांकि परिजन आत्महत्या का कारण नहीं बता सके। पिता पेशे से किसान हैं।
क्षेत्राधिकारी रोहित यादव ने पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रधान शंकर प्रसाद भी मौजूद रहे। बदौसा थाना प्रभारी नरेश प्रजापति ने बताया कि मृतक के पिता ने किसी भी रंजिश से इनकार किया है।
मूलचंद्र द्वारा दी गई तहरीर में आत्महत्या बताया गया है। मानसिक रूप से परेशानी का भी जिक्र किया है। फिर भी घटना की हर बिंदु से जांच की जा रही है। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। नीरज अविवाहित था।