बांदा। तुलसीदास जयंती पर कई कार्यक्रम हुए। बामदेव संस्कृत महाविद्यालय (कैलाशपुरी) में प्रतिमा और रामचरित मानस पूजन के साथ मानस पारायण और हनुमान चालीसा पाठ हुआ। कृष्णा आइडियल स्कूल में बच्चों ने चौपाइयों गाईं। संत तुलसी पब्लिक स्कूल में भी तुलसीदास की चौपाइयां गूंजती रहीं। कहा गया है कि धन्य है बुंदेलखंड की धरती जहां संत तुलसीदास ने जन्म लिया।
बामदेव संस्कृत महाविद्यालय में प्राचार्य डा.अशोक कुमार अवस्थी ने तुलसीदास के बारे में कहा कि मानस की चौपाइयों से जीवन को सद्पथ किया जा सकता है। रामचरित मानस हमें जीने की राह दिखाता है।
इस अवसर पर नर्वद नारायण दीक्षित, डा.इच्छाराम पाठक, रत्नेश द्विवेदी, मनोज त्रिपाठी, रमाकांत त्रिपाठी, अभय कुमार पांडेय, सूरजबली गुप्त आदि ने विचार व्यक्त किए। उधर, श्रीकृष्णा आइडियल हायर सेंकेडरी स्कूल में प्रधानाचार्य जेपी यादव ने रामचरित मानस की हर चौपाई को महामंत्र बताया।
कहा कि बुंदेलखंड की माटी धन्य है। जहां संत तुलसीदास ने जन्म लिया। दीनदयाल सोनी, डा.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित, किरन सिंह, अलका, पुष्पांजलि आदि ने भी संबोधित किया। सेजल सिंह, श्रीपाल अनजाना, रमाशंकर नामदेव, सबल सिंह आदि उपस्थित रहे।
संत तुलसी पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य आकांक्षा बरनवाल सहित प्रबंधक संत कुमार गुप्ता और राजेंद्र द्विवेदी ने प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। कक्षा सात से 10 के बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता हुई।
बच्चों ने रामचरित मानस चौपाइयों का गायन किया। स्कूल की सिटी ब्रांच में भी कार्यक्रम हुए। राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और तुलसीदास की झांकी सजाई गई। बीडी गुप्ता ने संबोधित किया। प्रबंधक ने आभार जताया। मीना गुप्ता, प्रकाश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।