बांदा। बीएलएड की छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन घटना की वजह स्पष्ट नहीं कर सके। घटना के वक्त घर में सिर्फ उसकी छोटी बहन थी। पिता आरोग्य मेला की ड्यूटी में थे और मां पूजा के लिए फूल लेने गई थी।
घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के अलीगंज मोहल्ले की है। आयुर्वेदिक अस्पताल, मंडी समिति में वार्ड ब्वाय चंद्रपाल कुशवाहा की बेटी भावना कुशवाहा (23) ने शनिवार को दोपहर कमरे में लगे पंखे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद कमरे में पहुंची छोटी बहन रिंकी कुशवाहा ने भावना को फंदे से लटका देखा तो पिता को फोन पर सूचना दी।
पिता की चमरौडी के पास आरोग्य मेले में ड्यूटी लगी थी। वे तुरंत घर पहुंचे और फंदा काटकर नीचे उतारा। निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई है।
पिता चंद्रपाल कुशवाहा ने बताया कि घटना के वक्त मां सुमन फूल लेने के लिए बगीचा चली गई थी। रिंकी नहाने गई थी। तभी मौका पाकर भावना ने फांसी लगा ली। वह कुलपहाड़ से बीएलएड कर रही थी। दो दिन पूर्व प्रैक्टिकल देकर लौटी थी।
आत्महत्या की वजह नहीं बता सका। पिता का कहना है कि भावना को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। न उसने उससे या मां-बहन कभी कोई समस्या बताई। पुत्री की आत्महत्या से वह खुद भी परेशान है। दो बहनों में बड़ी थी।
पिता चंद्रपाल कुशवाहा ने बताया कि भावना पढ़ाई में बहुत होशियार थी। उसकी तमन्ना डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर बनने की थी। पिता के मुताबिक पुत्री के आत्मघाती कदम उठाने से पूरा परिवार अचंभित है। पुत्री का कहना था कि सरकारी नौकरी लगने के बाद वह शादी करेगी। उसकी इस बात से पूरा परिवार भी सहमत था। साथ ही भावना उससे और मां से यह भी कहती थी कि आप सभी विश्वास कीजिएगा, कभी गलत रास्ते पर नहीं जाऊंगी।