फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा सत्ता के घमंड में चूर, राज्यपाल करें हस्तक्षेप

विज्ञापन
कलक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी। - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। सपाइयों ने धरना देकर कहा कि लोकसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा सत्ता के घमंड में चूर होकर अत्याचार कर रही है। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता और नेता गुंडई कर रहे हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। राज्यपाल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करें।
विज्ञापन

शुक्रवार को क्रांति दिवस पर जिला मुख्यालय पर सपा ने धरना दिया। 25 मुद्दों पर भाजपा सरकारों को घेरने की कोशिश की गई। कलक्ट्रेट के पास आयोजित धरने में सपाइयों ने 5 घंटे के दौरान भाषणों में भाजपा सरकारों की खासी फजीहत की। उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता, सोनभद्र हत्याकांड, कर्जमाफी, बिजली, जौहरपुर विश्वविद्यालय, ईवीएम, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, सड़क, सपाइयों का उत्पीड़न, बोर्ड परीक्षा शुल्क में वृद्धि, पशु आश्रय केंद्र, अल्पसंख्यकों पर मुकदमे, लोकसेवा आयोग भर्ती में धांधली, आरक्षण, नकली शराब, अवैध खनन, ठप विकास कार्य आदि मुद्दे उठाए। धरना स्थल पर ही सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सिंह को 27 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा और बांदा शहर में बिजली व पानी संकट का भी मामला शामिल था।
धरना और ज्ञापन में जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, भरतलाल दिवाकर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली, हसन सिद्दीकी, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, मनोज वर्मा, विजयकरन यादव, प्रदीप जड़िया शेखर शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव, अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष मुशीर अहमद फारुकी, अशोक भागवानी, जगदीश कुशवाहा, मनोज निगम लाला, अमर सिंह यादव, मुन्नीलाल यादव, पंकज सिंह, सगीर मंसूरी, अली अहमद मंसूरी, मौला बख्श व अब्दुल रज्जाक, सगीर अहमद, नरेंद्र सिंह गौतम, डा. रामेश्वर सविता, एहसान फारूकी, वृंदावन वैश्य, नरेंद्र गौतम, आमना खातून, मोहम्मद रईस, रानी देवी, किरन यादव, रमेश यादव, रामदास निषाद, अमित सेठ भोलू, नईम नेता, राम सिंह यादव, सुनीता रैकवार, पंकज गुप्ता, अनिल यादव, सत्यनारायण सोनकर, फूल मिश्रा, उमेश यादव, मुलायम सिंह यादव, अब्दुल मजीद, रिजवान राईन आदि शामिल रहे। सभा का संचालन कुदरत उल्ला ने किया।
विज्ञापन

कश्मीर मुद्दे पर कन्नी काट गए सपाई
क्रांति दिवस पर कश्मीर मुद्दे से सपाई कन्नी काट गए। प्रदेश व्यापी धरने में शामिल 25 मुद्दों में मौजूदा समय का सबसे चर्चित राजनीतिक मुद्दा अनुच्छेद 370 शामिल नहीं किया। न ही इसे भाषण का हिस्सा बनाया। सपा की प्रदेश इकाई द्वारा धरने को लेकर जारी 25 मुख्य मुद्दे निर्धारित किए थे। इनमें नोटबंदी का पुराना मुद्दा भी शामिल था। ईवीएम इत्यादि भी शामिल थे। पार्टी द्वारा जारी एजेंडे/अपील में डॉ. लोहिया के हवाले से कहा गया कि जिंदा कौमें 5 साल इंतजार नहीं करतीं। प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में माह जून 2019 तक 729 हत्याएं, 803 बलात्कार, 799 लूट, 60 डकैती और 2500 अपहरण के मामले दर्ज बताए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें