बांदा। चिल्ला थाना क्षेत्र में पुलिस की गाड़ी की चपेट में आकर महिला की मौत के मामले में अधिकारियों ने गाड़ी में सवार दरोगा समेत तीन कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। सूत्रों का दावा है कि हादसे वाली गाड़ी को बिना किसी फोरेंसिक जांच व टेक्निकल मुआयने के भूरागढ़ के एक वर्कशाप में खड़ा करा दिया गया है, जबकि अधिकारियों का दावा है कि गाड़ी को पुलिस लाइन मुआयने के लिए ही भेजा गया है।
बता दें कि बुधवार देर घर के बाहर सो रही महिला रज्जन देवी को थाने की गाड़ी ने रौंद दिया था। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई थी।हादसे के बाद उसमें सवार दरोगा और पुलिस कर्मी भाग निकले थे। पुलिस ने गुरुवार को चालक अजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शुक्रवार को घटना की विवेचना कर रहे सर्किल के सीओ अजय कुमार ने बताया कि हादसे के वक्त गाड़ी में दरोगा और दो सिपाही ही सवार थे। फिलहाल तीनों को लाइनहाजिर कर गाड़ी को जांच के लिए पुलिस लाइन में खड़ा कराया गया है।
फोरेंसिक जांच भी नहीं कराई गई
गाड़ी में शराब व बीयर की बोतलें मिली थी। पुलिस नेगगाड़ी सवार कर्मियों का मेडिकल कराने में तो देरी की ही,साथ साथ मौके पर फोरेंसिक जांच कराने की कोई आवश्यकता नहीं समझी। इलाकाई लोगों का कहना है कि जांच होती तो बोतलों व केन पर फिंगर प्रिंट मिल सकते थे। इस संदर्भ में ंसीओ का कहना है कि सभी बोतलें व केन पुराने थे, जिन्हें हादसे के बाद गाड़ी में डाला गया था. जिस कारण ही फोरेंसिक जांच का कोई मतलब नहीं था।
भारी फोर्स के बीच शव का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद चिल्ला थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी मृतका रज्जन देवी के पति विजय कुमार ने बताया कि वह सूरत में गणेश नगर में किराए का मकान लेकर रहता है। बताया कि घर के बाहर जानवर बांधे जाते हैं इसलिए उन्हें ताकने के लिए रज्जन देवी रोजाना चबूतरे में सोती थी। पुलिस ने परिवार की खुशियां छीन ली है। लिहाजा उसे शासन से मुआवजा मिलना चाहिए। परिजनों के गुस्से को देखते हुए अंतिम संस्कार स्थल पर पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
- सुबह खेत जाना था, दुनिया से चली गई
रज्जन के बेट सुनील ने बताया कि मां ने रात में कहा था कि ट्रैक्टर वाले का फोन आए तो सुबह उसे जगा देना । वह गेहूं की लॉक की कतराई कराने खेत चली जाएगी। उसे क्या पता था कि यह रात उसकी आखिरी रात हो जाएगी। सुबह खेत जाने से पहले ही मां इस तरह दुनिया से ही चली जाएगी।