Beneficiary books of Samajwadi Pension Scheme thrown in junk
- फोटो : BANDA
बांदा। समाजवादी पेंशन योजना की सैकड़ों लाभार्थी बुकें नगर पालिका परिसर के कबाड़ अड्डे में लावारिस पड़ी मिलीं। इसे लेकर अब आरोप और प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। मौजूदा नगर पालिका अध्यक्ष ने पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा अपने विरोधी सभासदों पर इसका ठीकरा फोड़ा है। साथ ही कहा है कि जांच करा रहे हैं।
सोमवार को परिसर में पड़े नगर पालिका के कूड़ा-कबाड़ के साथ बड़ी संख्या में समाजवादी पेंशन योजना की पासबुकें भी पड़ी मिलीं। इनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो भी प्रिंट है। मीडिया के कैमरों में यह पासबुकें कैद होने पर नगर पालिका कर्मियों ने आनन-फानन उन्हें वहां से हटा दिया।
उधर, इस बाबत अध्यक्ष मोहन साहू का कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद यह योजना बंद हो जाने पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ने इन पासबुकों को बोरी में भरवाकर कबाड़ में डलवा दिया था।
आरोप लगाया कि विरोधी सभासदों ने एक कांग्रेस नेता से मिलकर साजिश के तहत यह बुकें कबाड़ में फिंकवा दीं। उन्होंने संबंधित लिपिक को चेतावनी दी है। ईओ को जांच कराने के लिए कहा है। जांच रिपोर्ट आने पर वह रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।