शहर में स्थित बैंक आफ इंडिया ब्रांच से ग्राहक और
बैंक कर्मी को चकमा देकर अज्ञात व्यक्ति बैंक काउंटर से सवा तीन लाख रुपये
ले उठा। पता लगते ही बैंक में हड़कंप मच गई।
बैंक कर्मी सीसी कैमरा
खंगालने में जुट गए। पुलिस को सूचना नहीं दी। कवरेज को पहुंचे मीडिया
कर्मियों को बैंक में बंधक बनाने के लिए ताले जड़ दिए। पुलिस को सूचना देने
पर ताले खोले। प्रबंधक का कहना है कि पैसे का पता लगा लिया गया है।
शुक्रवार
को दोपहर करीब 12 बजे पदमाकर चौराहा स्थित बैंक आफ इंडिया में एफडी बनवाने
के लिए पीलीकोठी निवासी जगदीश प्रसाद आया हुआ था। उसने 3 लाख 25 हजार
रुपये का अपने खाते का चेक काटकर बैंक के कैश काउंटर पर दिया।
बैंक
कैशियर ने एफडी कागजात देखने के बाद पैसा देने की बात कहकर कुछ देर बैठकर
इंतजार करने को कहा। जगदीश बैंक के अंदर ही पड़ी कुर्सी पर बैठ गए। इसी बीच
अज्ञात युवक काउंटर पर आ डटा और कैशियर द्वारा भुगतान किए गए सवा तीन लाख
रुपये लेकर फरार हो गया।
कुछ देर बाद जगदीश काउंटर पर आए और पैसा मांगा तो कैशियर ने भुगतान कर दिए जाने की बात कही। यह सुनते ही जगदीश के होश उड़ गए।
कैशियर
भी हक्का-बक्का रह गया। तत्काल बैंक प्रबंधक को सूचना दी गई। बैंक
कर्मियों ने बैंक का गेट बंद कर वहां मौजूद सभी की तलाशी ली, लेकिन कुछ हाथ
नहीं लगा।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाने लगे। इसी बीच खबर पाकर कुछ
मीडिया कर्मी पहुंचे तो अपनी चूक छिपाने के लिए बैंक कर्मियों ने उन्हें
बंधक बना लिया। बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया। पुलिस को सूचना देने पर गेट
के ताले खोले।
उधर, बैंक प्रबंधक नूर खां का कहना था कि पैसे का
पता लग गया है। उपभोक्ता को मिल जाएगा। बैंक की ओर से फिलहाल पुलिस को कोई
सूचना नहीं दी गई है।
उधर, नगर पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने कहा कि तहरीर मिली तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। साथ ही बैंक प्रबंधक से पूछताछ करेंगे।