बेंदाघाट/तिंदवारी। लॉकडाउन में फंसकर घर वापस न लौट सके प्रवासी मजदूर ने सूरत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
थाना क्षेत्र के भुजरख गांव का मनोज सिंह (40) पुत्र बब्बू सिंह गुजरात के सूरत शहर में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के बाद उसका काम बंद था। भाई बसंत लाल के मुताबिक, पांच दिन पूर्व मनोज ने फोन कर पैसे खत्म होने की जानकारी दी थी।
कहा था कि जहां काम करता है, सेठ भी मदद नहीं करता। मकान मालिक किराया मांग रहा है। खाने-पीने के लाले हैं। कई-कई दिनों में एक बार खिचड़ी मिल जाती है। बसंत के मुताबिक, निराश मनोज ने कहा था कि शायद अब वह कभी गांव नहीं आ पाएगा।
पहली मई से उसका फोन बंद जा रहा था। तीन दिनों से कमरे का दरवाजा न खुलने पर मकान मालिक सत्यनारायण साहू ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर मनोज का सीलिंग फैन में लटका शव बाहर निकाला और मनोज के भतीजे जगभान सिंह की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करा अंतिम संस्कार कराया। सूरत के डीएम, एसपी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।