आंदोलनकारियों को खदेड़ती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
कमासिन (बांदा)। समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए सोमवार को बुंदेलखंड तिरहार मंच के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों का पुलिस से टकराव हो गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने भी लाठियां भाजीं। इसमें पांच पुलिसकर्मी और कई आंदोलनकारी चुटहिल हुए। पुलिस का कहना है कि प्रशासन की अनुमति के बिना धरना-प्रदर्शन किया गया। अराजकता करने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तिरहार विकास मंच ने पहले ही आंदोलन और चक्काजाम की घोषणा की थी, पर प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। सोमवार को बीस सूत्री मांगों को लेकर सैकड़ों किसानों ने मंच के अध्यक्ष प्रमोद आजाद की अगुवाई में बस अड्डे के पास तिराहे पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे आवागमन ठप हो गया। इस बीच उधर से निकले क्षेत्र के सपा विधायक विशंभर सिंह यादव भी जाम में फंस गए। कुछ देर बाद पहुंचे एडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने ज्ञापन लिया और शासन को भेजने का आश्वासन देकर किसानों से धरना खत्म करने को कहा।
इसी बीच अराजकतत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे पुलिसकर्मी भड़क गए और उपद्रवियों को दौड़ा लिया। जो मिला, उसे डंडों से पीटा। भगदड़ में भी कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। पथराव से उप निरीक्षक निर्मल प्रताप सिंह, कांस्टेबिल मनीष व तीन अन्य सिपाही भी चुटहिल हो गए।
प्रशासन को हालात संभालने में पसीने छूट गए। देर तक हंगामे के बाद मामला शांत हो सका।
एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि बिना अनुमति धरना प्रदर्शन हुआ। शरारतीतत्वों ने हंगामा किया। क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह ने कहा कि अराजकता करने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। थानाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने भी उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।