बांदा। सूखे से त्रस्त किसान जहां सरकारी सहायता के लिए रोजाना हायतौबा कर रहे हैं, वहीं प्रशासन इनकी मदद के लिए आया सरकारी पैसा दबाए बैठा है। चित्रकूटधाम मंडल मेें अभी भी ढाई लाख से ज्यादा किसानों को सरकारी मदद नहीं मिली, जबकि प्रशासन के खजाने में 69 करोड़ रुपये से ज्यादा डंप है। यह पैसा प्रदेश सरकार ने कृषि निवेश अनुदान के लिए दिया है। मंडल के किसानों को प्रदेश सरकार दो अरब 90 करोड़ 88 लाख रुपये दे चुकी है। अनुदान राशि बांटने में बांदा और चित्रकूट जिले फिसड्डी हैं।
सरकारी आंकड़ों में चित्रकूटधाम मंडल में 5,51,554 किसान सूखे से प्रभावित माने गए हैं। इनके लिए अब तक प्रदेश सरकार दो अरब 90 करोड़ 88 लाख रुपये दे चुकी है। यह पैसा मार्च से अप्रैल के बीच कई किस्तों में आया। मंडल प्रशासन का दावा है कि लगभग तीन लाख किसानों को कृषि निवेश अनुदान दिया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक हमीरपुर और महोबा जनपदों मेें सरकार से प्राप्त अनुदान राशि लगभग पूरी बांटी जा चुकी है।
बांदा और चित्रकूट में अभी लगभग 69 करोड़ 63 लाख रुपये बांटना शेष है। जानकारी के मुताबिक बांदा जिले में 2,15,326 किसान सूखा प्रभावित माने गए हैं। इनके लिए शासन ने 56 करोड़ 75 लाख 21 हजार रुपये कृषि निवेश अनुदान आवंटित किया है। 29,471 किसानों को आठ करोड़ 32 लाख 88 हजार रुपये बांटे गए हैं।
चित्रकूट मेें 1,03,081 किसान सूखे से प्रभावित हैं। इनके लिए शासन ने 32 करोड़ 29 लाख पांच हजार रुपया दिया है। अब तक 37,977 किसानों को 11 करोड़ 8 लाख 50 हजार रुपये बांटे गए हैं। हमीरपुर में 2,33,147 सूखा पीड़ित किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ 84 लाख 69 हजार रुपये दिए हैं। इनमें 2,02,963 किसानों के बीच लगभग पूरी राशि बांटी जा चुकी है। महोबा में सूखा पीड़ित किसानों को दो अरब एक करोड़ 14 लाख 11 हजार रुपये दिए थे। प्रशासन का दावा है कि यह पूरा पैसा बांटा जा चुका है।
फीडिंग और ऑनलाइन से हो रही देरी
बांदा। कृषि निवेश अनुदान के लिए सरकार से मिला पैसा पूरी तरह बंट न पाने पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गंगाराम गुप्ता का कहना है कि कंप्यूटर मेें फीडिंग और आनलाइन प्रक्रिया की वजह से किसानों के खाते में पैसा भेजने मेें समय लग रहा है। अब इस काम में तेजी लाई गई है। कलेक्ट्रेट में ही कंप्यूटर पर फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। 8-10 दिन में पूरा पैसा बंट जाएगा।