मध्य प्रदेश की घाटी में छोड़ी गईं घायल गोवंश में दो की और मौत हो गई। पत्थरों में दबी इन गायों को क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर और गोसेवक वहां से नरैनी लाए थे। इनका यहां इलाज चल रहा था। इसी तरह 7 दिसंबर को विधायक एक और घायल गाय को लाए थे।
मध्य प्रदेश के जंगलों में गोवंश फेंके जाने के मामले में मध्य प्रदेश की पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही हैं। जांच के बाद दोषियों के नाम शामिल किए जाएंगे।
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चार दिसंबर की शाम नगर पंचायत की गौशाला से स्थानीय अधिकारियों ने 8-10 ट्रकों में गायो को भरकर सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पहाड़ी खेरा पन्ना के जंगलों में उतार कर फेंक आए थे। जिससे कई जानवरों की मृत्यु हो गई थी।
बाद में यहां के बृजपुर थानाध्यक्ष ने 18 मृत गायों का पोस्टमार्टम कराकर वहीं जंगल में अंतिम संस्कार कर दिया था। बृजपुर के थानाध्यक्ष बखत सिंह ने बताया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने अपने थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 429, 221 व मध्य प्रदेश गोवंश प्रतिषेध अधिनियम पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।