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गांव में डायरिया फैला, पांच अस्पताल में भर्त

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banda,helath news,dayriya say bimar - फोटो : BANDA
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बदौसा/अतर्रा। बदौसा का वकीलन पुरवा (तुर्रा) चौथे दिन भी डायरिया से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ। इलाज के बाद भी मरीज बीमार हो रहे हैं। मंगलवार को पांच मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि एक दिन पूर्व ही स्वास्थ्य टीम ने इलाज किया था। उधर, करीब 50 से ज्यादा ग्रामीणों के डायरिया ग्रस्त होने के बाद कई विभागों की नींद टूटी। पंचायती राज विभाग ने यहां महीनों से पड़ी गंदगी पर झाड़ू लगवाई। स्वास्थ्य विभाग ने दवा का छिड़काव कराया।
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बड़ी संख्या में ग्रामीणों के डायरिया की चपेट में आने के बाद सुर्खियों में आए वकीलन पुरवा में सोमवार को क्षेत्रीय विधायक ओममणि
वर्मा पहुंची थीं। उनकी आने पर सीएमओ व अन्य विभागीय अधिकारी तथा चिकित्सक और टीम भी पहुंची। पेड़ की टहनी पर ग्लूकोज की बोतल टांगकर चबूतरे की मरीजों को लिटाकर बोतलें चढ़ाई गईं और अन्य दवाएं दी गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके लिए बिस्तर या बोतल स्टैंड आदि भी साथ नहीं लाई थी। न ही कोई एंबुलेंस थी। हालांकि सीएमओ की दलील थी कि गांव तक वाहन पहुंचना बेहद दूभर है। ऐसे में साधन कैसे लाए जाएं?
मंगलवार को पुरवा में राखी (22) पुत्री राजेश और दिलीप कुमार की पुत्री प्रिया (4), श्रेया (6) व पत्नी पूजा (29) तथा सुभाषचंद्र (22) की हालत फिर से बिगड़ गई। गांव में बचे स्वास्थ्य कर्मियों ने इन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। स्वास्थ्य टीम के नाम पर गांव में अब सिर्फ एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम का पति है। यह ओआरएस के पैकेट और गोलियां बांट रहे हैं।
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बदौसा। वकीलन पुरवा तक पहुंचने के लिए सड़क न होने का खामियाजा डायरिया मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ा। मुख्य सड़क तक मरीजों को चारपाई और पीठ पर लादकर पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। गांव में सड़क की इस समस्या को लेकर मंगलवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय यादव ने ग्रामीणों के साथ अतर्रा तहसीलदार को अर्जी देकर कहा कि चकरोड पर दबंगों ने कब्जे कर रखे हैं। इससे रास्ता नहीं रह गया। मांग की कि अवैध कब्जे हटाकर चकरोड पर सड़क का निर्माण कराया जाए।
बांदा। मंगलवार को पांच मरीजों की फिर हालत बिगड़ने पर मेडिकल कालेज रेफर किया गया, वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन यादव ने गांव में कोई भी डायरिया का मरीज होने से इनकार किया है। सीएमओ ने कहा कि मंगलवार को वह डिप्टी सीएमओ के साथ वकीलन पुरवा गए थे। वहां कोई भी मरीज उल्टी-दस्त का नहीं मिला। 10 अन्य सामान्य मरीज थे। सभी को दवाएं दी जा चुकी हैं। सीएमओ ने कहा कि सीएचसी नरैनी की टीम गांव में मौजूद है। कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डालने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (नरैनी) का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां चिकित्साधिकारी डॉ. जीवन प्रकाश अनुपस्थित मिले। अन्य स्टाफ मौजूद था। सीएमओ ने बताया कि डॉ. जीवन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही सीएचसी में सफाई व्यवस्था और सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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