बांदा। किशोरी से दुष्कर्म के अभियुक्त को अदालत ने 15 साल की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह और जेल भुगतना होगी।
मरका थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने 16 दिसंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिलीप उर्फ महीप 14 दिसंबर की शाम को उसकी 17 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। उसके विरुद्ध दुष्कर्म समेत एससी/एसटी व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सात माह बाद पुलिस ने किशोरी को खोज लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। किशोरी के अदालत में बयान दर्ज कराए। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह पटेल व सुनील कुमार गुप्ता ने छह गवाह पेश किए।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर दिलीप उर्फ महीप को दोषी पाया। दुष्कर्म में 15 वर्ष और पाक्सो एक्ट में 10 वर्ष जेल और जुर्माना की सजा सुनाई। इनके अलावा अन्य धाराओं में भी पांच वर्ष और आठ वर्ष की जेल और जुर्माना किया। सभी सजाएं साथ चलेंगी। अभियुक्त जमानत पर था। सजा के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।