डीएम सुरेश कुमार ने गोद लिए गांव बरसड़ा बुजुर्ग में शनिवार को चौपाल लगाई। ग्रामीणों की फरियादें और समस्याएं सुनकर अफसरों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। दो कुपोषित बच्चियों के स्वास्थ्य में सुधार न होने पर आंगनबाड़ी और सहायिका का मानदेय रोकने तथा सुपरवाइजर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय उपस्थित न रहने से महुआ के बीडीओ का वेतन रोक दिया गया। डीएम ने कुपोषित बच्चों के बारे में मौके पर छानबीन की। उनका वजन कराया। कुमारी निराशा और रूबी के वजन में सुधार न होने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने आंगनबाड़ी हीरा बाई और सहायिका गीता देवी का मानदेय रोकने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए।
साथ ही सुपरवाइजर गीता देवी को प्रतिकूल प्रविष्टि से दंडित किया। डीएम ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए पोषाहार दिया जाए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाए। इसके बाद डीएम ने चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं। लोगों ने पानी, हैंडपंप, राशन कार्ड, राशन वितरण और तालाब भराए जाने संबंधी समस्याएं बताईं।
चक रोड और नाली का काम कुछ लोगों द्वारा रोक दिए जाने की शिकायत पर डीएम ने वहां उपस्थित एसडीएम आरके श्रीवास्तव को मौके पर जाकर नाली और चकरोड खुलवाने का निर्देश दिया। पेंशन के लिए पात्र महिला-पुरुषों का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश ग्राम प्रधान को दिया। निरीक्षण के समय सीडीपीओ देवकीनंदन पांडेय भी मौजूद रहे।