अतर्रा/बबेरू/बांदा। महालक्ष्मी पूजन के लिए मां के साथ तालाब नहाने गई किशोरी की गड़ना नाले में डूबकर मौत हो गई। उधर, कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव में तालाबनुमा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
बिसंडा क्षेत्र के इटरा मिलौली गांव निवासी अमृता (8) अपनी मां केशकली के साथ मंगलवार को सुबह गड़ना नाला नहाने गई थी। केशकली स्नान के बाद अन्य महिलाओं के साथ पानी में सूर्य को अर्घ्य देने लगी।
इसी बीच तालाब किनारे खड़ी अमृता पैर फिसलने से नाले में गिर गई और डूब गई। जब वह नजर नहीं आई तो मां शोर मचाया। सूचना पर सीओ सियाराम मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से बालिका की तलाश शुरू कराई।
तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बालिका का शव मिला। मृतक बालिका दो बहनों में छोटी थी। भीमराव आंबेडकर विद्यालय में कक्षा-दो में पढ़ती थी। बिसंडा एसओ दिनेश सिंह ने बताया कि परिजनों की मांग पर बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को साैंप दिया गया है।
उधर, बबेरू कोतवाली क्षेत्र के टोला कलां गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा की पत्नी राधा (6) चार अन्य बच्चों के साथ मटियारा नाला के पास महाबुल दाई विसर्जन करने गई थी। तेज बहाव में वह गई।
बच्चों ने घर आकर परिजनों को जानकारी दी। सूचना पर सीओ सियाराम व कोतवाली प्रभारी नगेंद्र कुमार नागर ने गोताखोरों की मदद से बालिका की खोजबीन की, लेकिन 20 घंटे बाद भी बालिका का पता नहीं लगा।
वहीं कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव निवासी आनंद द्विवेदी की पुत्री निशा (14) मां के साथ मंगलवार को सुबह गांव में स्थित तालाबनुमा गड्ढे में नहाने गई थी। तभी पैर फिसलने से पानी में समा गई। उसे बचाने में छोटी बहन रानी भी डूबने लगी।
वहां मौजूद लोगों ने रानी को बचा लिया, लेकिन निशा की डूबने से मौत हो गई। परिजन ने बिना पोस्टमार्टम के शव वापस घर ले गए। पिता ने आरोप लगाया कि कुछ दिनों पूर्व चोरी-छिपे मिट्टी खुदवाने से गड्ढा गहरा हो गया और बारिश का पानी भर गया।
दो बहनें नदी में डूबते बचीं
बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी गांव निवासी लक्ष्मण की पुत्री सोना और उसकी बहन चांदनी मंगलवार को सुबह केन नदी नहाने गई थी। सुचि के दौरान सोना का पैर फिसलने से वह नदी में डूबने लगी।
उसे बचाने में चांदनी भी गहरे पानी में समाने लगी। वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने दोनों को सुरक्षित बचा लिया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।