बांदा। नए भवन निर्माण पर विकास प्राधिकरण ने नगर पालिका अध्यक्ष की पत्नी गीता देवी को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर 8 लाख 5 हजार 419 रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं।
इस पर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू ने प्राधिकरण अध्यक्ष/मंडलायुक्त को पत्र भेजकर प्राधिकरण सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह पर राजनैतिक दबाव और द्वेष भावना में कार्रवाई का आरोप लगाया है।
उधर, सचिव का कहना है कि अभियंताओं की रिपोर्ट के अनुसार समन उपविधि 2010 के तहत किए गए आंकलन के अनुसार यह शुल्क जमा करने का नोटिस भेजा है। भवन स्वामी ने नया नक्शा दाखिल नहीं किया है।
अध्यक्ष ने मंडलायुक्त को दिए पत्र में बताया कि पत्नी गीता देवी के नाम से समन मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। प्राधिकरण अभियंताओं के बताने और सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा टेलीफोन पर कहे जाने के बाद उन्होंने ढाई लाख रुपये 29 जुलाई को जमा कर दिए।
आरोप लगाया कि इसके बाद भी भवन मानचित्र स्वीकृत न कर उनकी पत्नी के नाम 4 सितंबर को नोटिस दे दिया। इसमें पर्यवेक्षण शुल्क (12850), अंबर शुल्क (25,700), सुदृढ़ीकरण शुल्क (40,863), समन शुल्क (6,09,852) और लेबर सेस (1,16,152 रुपये) कुल 8,05,419.75 रुपये 15 दिन में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
बताया कि नोटिस और पत्रांक की तिथियों में अंतर है। इससे स्पष्ट है कि सचिव किसी राजनैतिक पार्टी के दबाव में द्वेष भावना से उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। मंडलायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।
उधर, प्राधिकरण सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि भवन का पुराना नक्शा दाखिल किया गया है। प्राधिकरण के अभियंताओं ने गणना करके समन उपविधि 2010 के तहत शुल्क निर्धारित किया है।
भवन स्वामी को फीस के साथ नया नक्शा दाखिल करने को कहा गया है, मगर वह नहीं कर रहे हैं। सचिव ने किसी तरह की द्वेष भावना की कार्रवाई को बेबुनियाद बताया। कहा कि प्राधिकरण के हित में नियम-कानून के तहत कदम उठाए जा रहे हैं।