सहायक अध्यापक सौरभ द्विवेदी की फाइल फोटो। ग्रामीण
बांदा। पैलानी तहसील में बीते मंगलवार को हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। तहसील परिसर उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब पदारथपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक सौरभ द्विवेदी एसडीएम कोर्ट के बाहर लेखपाल कुलदीप से उलझ पड़े। देखते ही देखते बहस तेज नोकझोंक में बदल गई और माहौल गरमा गया। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बन गए।
स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम अंकित वर्मा ने तुरंत थाने को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सहायक अध्यापक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शांति भंग की आशंका में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में पेश किया। जमानत राशि अदा न करने की स्थिति में एसडीएम ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया।
जूते से पीटने की चर्चा से गरमाया माहौल
घटना के बाद तहसील परिसर में नई चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय वकीलों और आमजन के बीच यह बात फैल गई कि एसडीएम ने कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की, जिसका शिक्षक ने विरोध किया और मामला और तूल पकड़ गया। हालांकि एसडीएम अंकित वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया।
ड्यूटी में लापरवाही भी बनी वजह
एसडीएम अंकित वर्मा के अनुसार शिक्षक सौरभ द्विवेदी पूर्व में बीएलओ ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन न तो ड्यूटी कर रहे थे और न ही नियमित रूप से विद्यालय जा रहे थे। सुपरवाइजर की रिपोर्ट पर बीईओ तिंदवारी द्वारा नोटिस जारी किया गया था। इसी मामले को लेकर विवाद की स्थिति बनी। वर्तमान में उन्हें बीएलओ ड्यूटी से हटाया भी जा चुका था।
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कोर्ट परिसर के बाहर हंगामा पड़ा भारी
पैलानी थाना प्रभारी राजेश वर्मा का कहना है कि कोर्ट परिसर के बाहर हंगामा और शांति भंग करने की शिकायत पर विधिक कार्रवाई की गई। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन का सख्त संदेश साफ है कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।