बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पहली बार आयोजित हो रहे अरहर सम्मेलन/मेला को दलहन किसानों के लिए मुफीद बनाने की कवायद में जोरदार तैयारियां की गई हैं। सम्मेलन सोमवार (10 फरवरी) को ऐतिहासिक पर्यटन स्थल कटरा कालिंजर में हो रहा है।
बुंदेलखंड और कानपुर के एक हजार से ज्यादा दाल व्यवसायी व किसानों समेत देश के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित कई विशेषज्ञ और हस्तियां भी इसमें शरीक होंगी। करीब सौ किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा। बांदा और बुंदेलखंड की दलहनों को ब्रांड के रूप में स्थापित करने की मंशा है।
डीएम हीरालाल की पहल पर अरहर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। बताया गया है कि दलहन किसानों की आय दोगुनी करने की यह एक कोशिश है। सम्मेलन में बुंदेलखंड के सातों जिलों समेत कानपुर के मिलर्स और उत्पादक शामिल होंगे।
देश के कई कृषि सेवा संस्थानों के नुमाइंदे भी भाग लेंगे। यूपी, एमपी, हरियाणा, बिहार, दिल्ली के कई पद्मश्री और कृषि विशेषज्ञ किसानों को कुछ नया बताएंगे। आयोजन स्थल कटरा कालिंजर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डीएम का कहना है कि बांदा की अरहर, चना, सरसों, गुड़ आदि को ब्रांड के रूप में स्थापित करके किसानों की आय बढ़ाने की मंशा से अरहर सम्मेलन आयोजित हो रहा है।
माननीय को भी मिलेगा मंच में सम्मान
बांदा। अरहर सम्मेलन में जिले के सांसद सहित सभी विधायक भी सम्मानित होंगे। उन्हें अंग वस्त्र प्रशस्ति पत्र के साथ स्मृतिचिह्न भेंट किया जाएगा। इनके अलावा पांच पद्मश्री भारत भूषण त्यागी (बुलंदशहर), बाबूलाल दहिया (सतना), रामशरण वर्मा (बाराबंकी), कमल सिंह चौहान (सोनीपत), राजकुमारी देवी (मुजफ्फरपुर) के अलावा डा. एमडी पाठक (निदेशक गन्ना अनुसंधान, लखनऊ), प्रो. मान सिंह (नई दिल्ली) और डा. आरसी चौधरी (गोरखपुर) शामिल हैं।
कृषि विशेषज्ञों में डा. जितेंद्र सिंह (सीएसए कानपुर), डॉ. श्याम सिंह, डा. मंजुल पांडेय, डा. सुभाष सिंह (कृषि महाविद्यालय, बांदा), डा. एसएन सिंह व डा. दिलीप कुमार (गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ) और डा. राजेश कुमार लूने (हैदराबाद) शामिल हैं। इनके अलावा विपणन सहयोगी एफपीओ सदस्य, विशेष आमंत्रित आदि भी शामिल होंगे। करीब सौ किसानों को सम्मानित किया जाएगा।