फोटो - 01 किसान मेले में उत्पाद दिखातीं अर्चना शुक्ला। स्त्रोत : स्वयं
बांदा। जिले की अर्चना शुक्ला ने कैंसर से जंग जीतकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने मिलेट्स अभियान के जरिए 30 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की राह पर अग्रसर किया है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों तक शुद्ध आहार पहुंचाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
कैंसर से उबरने के बाद अर्चना ने समाज को स्वस्थ बनाने का बीड़ा उठाया। वह वर्तमान में न लाभ न हानि के आधार पर काम कर रही हैं। आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने घर में उन्होंने मिलेट्स का केंद्र बनाया है। यहां 52 प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जो बाजार की मिलावटी चीजों को कड़ी टक्कर देते हैं।
अर्चना का लक्ष्य भविष्य में अधिक बिक्री केंद्र खोलना है। वह सैकड़ों महिलाओं को जोड़कर उन्हें लखपति दीदी बनाना चाहती हैं। स्वस्थ रहने के लिए मोटे अनाज अपनाने पर उन्होंने जोर दिया।
कैंसर से जंग और नई शुरुआत
अर्चना शुक्ला ने दिसंबर 2024 में मिलेट्स के व्यंजन बनाने का काम शुरू किया था। इस काम की शुरुआत के कुछ समय बाद ही उन्हें कैंसर हो गया। बीमारी के कारण यह कार्य पूरी तरह से बंद हो गया था। जून 2025 में कैंसर को मात देने के बाद उन्होंने दोगुनी ऊर्जा के साथ काम में वापसी की। आज अर्चना के साथ 30 महिलाएं जुड़ी हैं, जो मिलेट्स व्यंजन बनाती हैं। वह प्रत्येक महिला को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देती हैं।