बांदा। अगले तीन माह तक गर्भधारण से मुक्ति दिलाने वाले अंतरा इंजेक्शन लगवाने के लिए 29 अप्रैल को पूरे जनपद में अंतरा दिवस मनाया जाएगा। अब तक जनपद में 1267 महिलाएं इसका लाभ ले चुकी हैं।
सोमवार को जनपद के हरेक सीएचसी, पीएचसी, जिला महिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में अंतरा इंजेक्शन महिलाओं को मुफ्त लगाया जाएगा। परिवार नियोजन के लिए सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से यह योजना चलाई जा रही है। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.ऊषा सिंह ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन और छाया टेबलेट परिवार नियोजन का सबसे प्रभावी और सुविधाजनक साधन है। जिला अस्पताल में यह दोनों नि:शुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अंतरा इंजेक्शन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह महिलाओं में गर्भधारण रोकने के साथ ही ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, डिसफंक्शन यूटराइन ब्लीडिंग जैसी गंभीर बीमारियों से बचाता है। इसकी सफलता 99.9 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में 1267 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन और 1500 महिलाओं ने छाया गर्भ निरोधक टेबलेट का इस्तेमाल किया है।
कब लगता है अंतरा इंजेक्शन?
अंतरा इंजेक्शन माहवारी शुरू होने के सात दिन के अंदर, प्रसव होने के छह सप्ताह बाद, गर्भपात होने के सात दिन के अंदर लगाया जाता है। पहला इंजेक्शन शुरू करने से पहले डॉक्टर से जांच जरूरी है। यह इंजेक्शन नवविवाहित दंपति, डिलेवरी के बाद स्तनपान कराने वाली महिलाएं, डिलेवरी के छह सप्ताह बाद, चिकित्सकीय गर्भपात के तुरंत बाद और बच्चों के पैदा होने में अंतर रखने के लिए लगवाया जाता है। ब्यूरो
महिलाएं मुफ्त लें टोल फ्री नंबर पर सलाह
बांदा। महिलाएं अंतरा केयर लाइन के टोल फ्री नंबर-18001033044 पर महिला विशेष से परामर्श ले सकती हैं। परिवार कल्याण काउंसलर ममता कुशवाहा ने बताया कि अंतरा का पहला इंजेक्शन लगवाते ही अंतरा केयर लाइन पर फोन करके अपना पंजीकरण करवाना है ताकि इसके बाद समय-समय पर इंजेक्शन संबंधी परामर्श मिलता रहे। माहवारी संबंधी बदलावों के बारे में उपयुक्त सलाह दी जाती है। साथ ही अगले इंजेक्शन की याद दिलाई जाती है। महिला द्वारा दी गई सारी जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
बच्चों के टीकाकरण का अभियान 30 तक
बांदा। छूटे हुए या ड्राप आउट दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी बीपी वर्मा ने बताया कि अभियान में विभिन्न कारणों से कुछ बच्चे छूट गए हैं। उनके टीकाकरण के लिए यह सप्ताह मनाया जा रहा है। ब्लाकों में एएनएम व आशाएं गर्भवती महिलाओं और छूटे बच्चों को चिन्हित कर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टीकाकरण करवा रही हैं। इस सप्ताह में बच्चों को नियमित टीकाकरण के तहत बीसीजी, हेपेटाइटिस-बी, पेंटा, रोटा वायरस, एमआर और पीलियो की खुराक व इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को टीटी का इंजेक्शन भी दिया जा रहा है। बताया कि टीकाकरण बच्चों को पोलियो, टिटनेस और डिपथीरिया जैसी बीमारियों से बचाता है। कई टीके अलग-अलग उम्र में एक से अधिक बार दिए जाते हैं। माता-पिता को अपने बच्चों के टीकाकरण का रिकार्ड रखना चाहिए। ब्यूरो