बांदा। शहर से 11 किमी दूर मुख्य सड़क किनारे आबाद जौरही पीएचसी क्षेत्र के जमालपुर गांव में डेंगू और बुखार का कहर नहीं थम रहा। मंगलवार की रात डेंगू से एक और मौत हो गई। इस गांव में डेंगू से मरने वाली की संख्या पांच हो गई है। बुखार के छह नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। गंभीर हालत में एक बालिका को कानपुर रेफर कर दिया गया।
पखवारे भर से ज्यादा समय से जमालपुर डेंगू की चपेट में है। एक के बाद एक हुई कई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई। कुछ मरीजों का इलाज करने के बाद स्वास्थ्य टीम ने दावा किया कि अब गांव में हालात बेहतर हैं, लेकिन डेंगू और बुखार के मरीजों का यहां सिलसिला खत्म नहीं हो रहा। मंगलवार को सुबह जिला अस्पताल से रेफर कमलेश गुप्ता के 10 वर्षीय पुत्र शिवा की देर रात कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
बुधवार को गांव में उसका अंतिम संस्कार हुआ। बुधवार को जिला अस्पताल में जमालपुर गांव के बुखार के छह और मरीज भर्ती किए गए। इनमें गार्गी (11) पुत्री जितेंद्र कुमार में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर कानपुर रेफर कर दिया गया।
इनके अलावा रामकली (60) पत्नी कल्लू प्रसाद, उसकी बहू भूरी (35) पत्नी शिवचरन, रानी (35) पत्नी सुंदर, नाजरा (27) पत्नी उस्मान, जितेंद्र (19) पुत्र कल्लू व रामकुमार (32) पुत्र राममनोहर को बुखार की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीज प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बांदा शहर के चमरौटी के पास स्थित एक हास्पिटल में भी इस गांव के बुखार के तमाम मरीज भर्ती हैं।
पांच मौतों से जमालपुर में दहशत
बांदा। एक के बाद एक हो रही मौतों से जमालपुर गांव में ग्रामीण सहमे हैं। खास बात यह है कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं। सबसे पहले बलवीर की 14 वर्षीय पुत्री अंजली की मौत हुई। इस परिवार के कई सदस्य डेंगू की गिरफ्त में आ गए थे, जिनका कानपुर में इलाज हुआ। इसके बाद होने वाली मौतों में मानसी (6) पुत्री विजयकरन, प्रियंका (8) पुत्री शिवराम, शिवा (10) पुत्र कमलेश गुप्ता समेत पांच मौतें हो चुकी हैं।
सीएमओ बोले-जलभराव से बढ़ा प्रकोप
बांदा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीएस वाजपेयी ने बताया कि जमालपुर में लगभग 10 स्थानों पर भारी जलभराव है। गांव के लोग इसी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ा है। इसी वजह से यहां बीमारी फैल रही है। सीएमओ ने कहा कि रोजाना डीडीटी और दवा का छिड़काव हो रहा है। एक डाक्टर और फार्मेसिस्ट लगातार गांव में कैंप किए हैं। रोजाना लगभग 35 मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। फिलहाल डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही।