बांदा। वर्षा जल संचयन और भूगर्भ जल स्तर में सुधार के लिए पीएम की घोषणा वाले अमृत सरोवर की पहचान व निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। एक एकड़ के तालाबों में पौधरोपण, कुर्सी, लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, 15 जून से मानसून आने की उम्मीद है ऐसे में तालाबों के निर्माण पर असमंजस बना हुआ है।
शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चार हजार से अधिक पुराने तालाब हैं, लेकिन मौके पर इनकी संख्या तीन हजार है। पीएम के निर्देश पर वर्षा जल संचयन व भूगर्भ जलस्तर में सुधार के लिए 75 तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले में कुल 86 तालाबों को अमृत सरोवर अभियान के तहत विकसित किया जाना है। जिसमें सात तालाब जिला पंचायत व चार तालाब लघु सिंचाई विभाग विकसित करेगा।
51 तालाबों की शुरू हो गई खोदाई
मनरेगा से 51 तालाबों की खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। जिसके सुंदरीकरण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन तालाबों में पौधरोपण, कुर्सी, लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। चयनित तालाबों में ज्यादातर पुराने हैं। इनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
इन ब्लॉकों में बनने हैं सरोवर
सर्वाधिक तालाब विकास खंड महुआ में 12 व बबेरू, बड़ोखर खुर्द, बिसंडा में 10-10, नरैनी में 11, तिंदवारी में 6, कमासिन में 9 और जसपुरा में 8 तालाब बनने हैं। सभी तालाब न्यूनतम एक एकड़ के होंगे।
वर्जन
अमृत सरोवर के तहत तालाबों का चयन कर खोदाई शुरू करा दी गई है। अन्य पक्के कार्य दूसरे विभागों से कनवर्जन के जरिए कराए जाएंगे। तालाब खोदाई का काम बारिश से पहले पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। - राघवेंद्र तिवारी, उपायुक्त मनरेगा