फोटो - 03 जिला परियोजना का कार्यालय। संवाद
बांदा। माॅडल ग्राम विकसित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन से दी गई धनराशि में 131 करोड़ की धनराशि दो साल से डंप है। न विकास कार्य हुए न धनराशि का समर्पण किया गया। शासन के आदेशों के बाद भी डीपीआरओ ने दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। जिलाधिकारी जे.रीभा ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ को दो दिन में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2022-23 में जिले में मॉडल ग्राम विकसित करने और विकास कार्य के लिए उपलब्ध कराए गए बजट में 131 करोड़ की धनराशि ग्राम पंचायतों में डंप पड़ी है। इसे न ही खर्च किया गया और न ही निदेशालय को समर्पित किया गया। जिससे इस धनराशि के दुरुपयोग की संभावना है। डीएम जे.रीभा ने कडी नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ को भेजे गए आदेशों में कहा है कि दो साल से मॉडल गांव को विकसित करने की धनराशि को डंप रखना घोर लापरवाही का सूचक है।
शासन के सख्त आदेशों के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन भी नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि आपका अपने अधिनस्थों पर कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसी स्थिति शासन की मंशा के विपरीत है। यदि कोई कार्रवाई की गई है तो उस कार्रवाई से उच्चाधिकारियों को क्यों अवगत नहीं कराया गया। डीएम ने डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं कि दो दिन में जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
शासन के आदेश भी ठेंगे पर
शासन ने त्रुटिपूर्ण जानकारी देने पर अप्रैल माह में परियोजना प्रबंधक वंश बहादुर बिंद व सहायक से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन परियोजना प्रबंधक व सहायक ने छह माह बीत जाने के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ को दो दिन में कार्रवाई व आख्या देने के आदेश दिए हैं। ज्ञात हो कि परियोजना प्रबंधक पिछले एक दशक से एक ही पटल पर जमे हैं। कई बार दिशा की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने परियोजना प्रबंधक पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए इन्हें इस पटल से हटाए जाने की मांग की। जिस पर डीएम ने पटल से हटाने के आदेश दिए थे लेकिन आदेशों का आज तक पालन नहीं किया गया। परियोजना प्रबंधक वंश बहादुर का कहना है कि स्पष्टीकरण भेज दिया गया था। उप निदेशक पंचायत डीएम को गुमराह कर रहे हैं।
डीएम को गुमराह किया गया है। उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। ग्राम पंचायतों में कोई धनराशि डंप नहीं है। परियोजना प्रबंधक वंश बहादुर व सहायक का स्पष्टीकरण भी शासन को भेज दिया गया था।
- राजेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी, बांदा