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‘अमर उजाला’ ने बढ़ाया हौसला, मंजिल पाकर रहूंगी

Wed, 15 Jun 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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इंटर बोर्ड परीक्षा में बांदा की टॉपर छात्रा तृप्ति मिश्रा को मंगलवार को लखनऊ में ‘अमर उजाला’ के तत्वावधान में सम्मानित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला
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नरैनी। इंटर बोर्ड परीक्षा में जिला टॉप करने की मेरी खुशी को ‘अमर उजाला’ ने दोगुना कर दिया। मैंने भी दृढ़ निश्चय कर लिया है कि मंजिल पाकर रहूंगी। पूरे प्रदेश के मेधावियों के बीच मुख्यमंत्री के हाथोें सम्मानित कराने के लिए ‘अमर उजाला’ को- ‘वेरी-वेरी थैंक यू’।
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जोश और हौसले से भरे ये शब्द इस वर्ष इंटर बोर्ड परीक्षा मेें बांदा जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली छात्रा तृप्ति मिश्रा के हैं। वह अतर्रा स्थित सरस्वती इंटर कालेज में विज्ञान वर्ग की छात्रा है। 95 फीसदी अंक हासिल कर जिला टॉप किया है। सोमवार को लखनऊ में ‘अमर उजाला’ द्वारा आयोजित मेधा सम्मान में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर घर लौटी तृप्ति के घर खुशियां छाई हुई हैं। माता, पिता, भाई, बहन सभी जोश और खुशी से लबालब हैं।

बुधवार को तृप्ति ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मेरे सपनों की उड़ान ‘अमर उजाला’ पूरी करने में मददगार साबित हो रहा है। तृप्ति ने कहा कि जिला टॉप करने की खुशियां पुरानी हो गई थीं, लेकिन तीन दिन पूर्व उसे कालेज, माध्यमिक शिक्षा विभाग और ‘अमर उजाला’ के स्थानीय कार्यालय से जब यह खबर मिली कि उसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ में प्रदेश भर के मेधावियों के सामने सम्मानित करेंगे तो खुशी का ठिकाना न रहा। सबसे पहले यह जानकारी तिरुवंतपुरम (केरल) मेें इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड रिसर्च सेंटर में पढ़ाई कर रहे बड़े भाई संकल्प को दी। तृप्ति ने कहा कि इस सम्मान ने उसका जज्बा और जोश दोगुना कर दिया है। तृप्ति की तमन्ना आईएएस बनकर देश सेवा करने की है।
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उधर, तृप्ति के पिता शिरोमणि मिश्रा और मां ममता मिश्रा भी खुश हैं। जिला टॉपर और मुख्यमंत्री के हाथों अपनी बेटी के सम्मानित होने की खुशियां उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही हैं। मां ममता बोलीं कि जब उन्हें इस सम्मान की खबर मिली तो उस रात खुशी में नींद नहीं आई। तृप्ति ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उसे ‘अमर उजाला’ द्वारा दिया जा रहा प्रश्स्ति पत्र देने के साथ ही साइकिल की सौगात भी दी है। भविष्य में और उड़ान भरने की नसीहत दी है। समारोह में मौजूद एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा ने कहा कि सूर्य की तरह चमकने के लिए खुद को सूरज की तरह तपाना पड़ता है। तृप्ति और उसके परिवार ने बातचीत खत्म होते-होते एक बार फिर एक स्वर से ‘अमर उजाला’ को थैंक बोला।
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