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अनुशासन से बंधकर सब सह रहे

Mon, 23 May 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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पुलिस लाइन के बैरिक में गुजर कर रहे हैं रंगरूट - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस भर्ती के बाद रंगरूटों के प्रशिक्षण में पसीने छूट रहे हैं। तड़के से जाग कर मैदान में दौड़ या फावड़ा चलाकर श्रमदान करना जैसे काम उन्हें नागवार नहीं गुजर रहे। उनमें बेचैनी है तो व्यवस्थाओं को लेकर। पुलिस लाइन में एक-एक बैरिक में क्षमता से कई-कई गुना ज्यादा रंगरूट रखे गए हैं। टीनशेड पड़े बैरिक इस प्रचंड गर्मी में बुरी तरह तप रहे हैं।
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रंगरूटों के पलंग रैक (अलमारी) की तर्ज पर बनाए गए हैं। पानी का भीषण संकट है। रोजाना ट्रेनिंग में पसीने से तरबतर हो रहे इन जवानों को नहाने के लिए पानी भी नहीं मयस्सर हो पा रहा। अनुशासन के भय से रंगरूट यह सब कुछ खामोशी से सह रहे हैं।

छह माह पूर्व हुई पुलिस भर्ती के बाद बांदा पुलिस लाइन में करीब 300 रंगरूट प्रशिक्षण ले रहे हैं। छह माह की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें गर्मी में पसीने छूट रहे हैं। खुले मैदान में टीनशेड की बैरिक दिन तो दूर रात को भी तप रही है। ऐसे में दो दिन पूर्व दर्जन भर से ज्यादा रंगरूट डायरिया की चपेट में भी आ चुके हैं। कुछ रंगरूटों ने बताया कि कई-कई दिन बिजली नहीं आती। बिजली के साथ पानी भी नहीं आता।
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बैरिक के पीछे लगा एकमात्र हैंडपंप महीनों से ठप्प है। बैरिकों के पास खुले में बनी दो हौज का पानी गर्मी में खौलता है। इस पानी में नहाना मौत को बुलाने जैसा है। उधर, परेड ग्राउंड से उड़ने वाली धूल रंगरूटों को दमा व अन्य घातक रोगों का मरीज बना रही है। बैरिकों में मानक से ज्यादा जवानों को रखा गया है।

एक बैरिक में 40-40 (ऊपर-नीचे दो बेड) बेड हैं। इतने बेडों पर सिर्फ दो कूलर लगे हैं। कूलरों के लिए पानी रंगरूट खुद दूर से ढोकर लाएं तभी वह चलते हैं। इसी आपाधापी में वे बीमार हो रहे हैं। रंगरूट अपनी व्यथा सुना ही रहे थे कि दो अफसर आ धमके। उनके आते ही सभी चुप्पी साध गए। कैंप के मेजर आफाक अहमद ने आंखें तरेर कर सभी रंगरूटों से कहलाया कि यहां कोई समस्या नहीं है और न ही कोई बीमार है।

‘बैरिकों में जनरेटर लगवाया जा रहा है। कुछ ही दिनों में सभी समस्या दूर हो जाएगी। ग्राउंड में उठ रही धूल खत्म करने के लिए हर रोज सिंचाई कराई जाएगी। प्रशिक्षण समाप्ति की ओर है। जून में ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। कई रंगरूटों को थानों में ड्यूटी लग गई है।’- ऊदल सिंह, रंगरूट ट्रेनिंग सेंटर प्रभारी, पुलिस लाइन, बांदा
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