बांदा। लंबे इंतजार और मंथन के बाद नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही दो महत्वपूर्ण सीटों पर सपा और कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं।
सपा ने कई दिग्गजों को दरकिनार कर बबेरू से दो बार विधायक रहे विशंभर सिंह यादव पर फिर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस सीट पर प्रत्याशी तय करने में हाईकमान को काफी मंथन करना पड़ा।
इसी तरह कांग्रेस ने तिंदवारी सीट पर वरिष्ठ नेता राजेश दीक्षित की धर्मपत्नी और महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष आदिशक्ति दीक्षित को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही प्रत्याशी परास्नातक हैं।
इन दोनों सीटों पर सपा और कांग्रेस को नाम तय करने में लंबा समय लग गया। अब जिले की चारों सीटों पर भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस आदि प्रमुख दलों के सभी प्रत्याशी घोषित हो गए हैं।
बबेरू सीट पर सपा से चौथी बार विशंभर सिंह यादव उम्मीदवार बनाए गए हैं। शैक्षिक योग्यता परास्नातक और एलएलबी है। वर्ष 2007 और 2012 में लगातार दो बार विधायक रहे। 2017 में भाजपा से हार गए थे। छात्र जीवन से राजनीति की शुरूआत की। 1980 में डीएवी कालेज कानपुर के अध्यक्ष रहे।
तिंदवारी सीट से कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बनाई गईं आदिशक्ति राजेश दीक्षित शहर के ज्योति नगर में रहती हैं। मूलरूप से तेरहीमाफी (तिंदवारी) की रहने वाली हैं। करीब 10 से पार्टी से जुड़ी हैं। कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष हैं। शैक्षिक योग्यता परास्नातक है। पेशे से ठेकेदार पति राजेश कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष रहे। कालिंजर में दस्यु सरगना पप्पू द्वारा किए गए नरसंहार में पिता रामसुंदर द्विवेदी की मौत हो गई थी।
आदिशक्ति राजेश दीक्षित- फोटो : BANDA