बांदा। जनपद में चार दिन पहले दस्तक देने वाली मानसूनी एक्सप्रेस ठिठक गई थी। दो दिन तेज धूप निकलने से उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। बुधवार को सुबह से ही आसमान में बादल मंडराए तो लोगों को लगा कि अच्छी बारिश होगी, लेकिन पूरे दिन कभी बादल तो कभी धूप का सिलसिला चला। शाम चार बजे के बाद फिर आसमान में काले घने बादल छाए और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। इससे गर्मी से राहत मिली।
बुंदेलखंड खासकर बांदा जनपद में मानसून की आवक 20 जून के बाद होती है। पिछले वर्ष तो मानसूनी एक्सप्रेस ने लोगों को काफी इंतजार कराया। सात जुलाई के बाद झमाझम बारिश हुई। इस वर्ष मौसम वैज्ञानिकों ने समय से सप्ताह सप्ताह भर पहले मानसून आने का पूर्वानुमान बताया था। पूर्वानुमान तो सटीक नहीं निकला, पर 20 जून निर्धारित समय में मानसून ने दस्तक दी। दो दिन खूब वर्षा हुई। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को मानसून ठिठक गया। दिन में तेज धूप निकली और मौसम में आर्द्रता बढ़ने से उमस भरी गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए।
बुधवार शाम को चार बजे के बाद अचानक पूरब से तेज हवाएं चलीं और आसमान काले बादलों से घिर गया। इसके कुछ ही देर बाद तेज वर्षा शुरू हो गई। करीब एक घंटे में 14 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे तापमान फिर नीचे आ गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में 65-87 प्रतिशत आर्द्धता होने से उमस बढ़ी रही। उन्होंने बताया कि बुधवार को करीब 14 मिलीमीटर बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार व शुक्रवार को भी तेज बारिश का अनुमान है।
नए उपकेंद्र में होते रहे कार्य, पांच घंटे बिजली गुल
बांदा। शहर में बुधवार को लोग बिजली को तरस गए। गर्मी बढ़ी और तेज धूप हुई तो बिजली विभाग फिर लाचार नजर आया। सुबह कहीं इंसुलेटर पंक्चर तो कहीं उपकेंद्र में मरम्मत के नाम पर पांच घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे।
बिजली विभाग ने एक दिन पहले जहीर क्लब मैदान विद्युत उपकेंद्र की मरम्मत के लिए दोपहर ढाई बजे से शाम पांच बजे तक बिजली कटौती की सूचना दी थी, लेकिन बुधवार को एक बजे ही बिजली गुल हो गई, जिससे डीसीडीएफ, सिविल लाइन, कटरा, मुक्ति धामरोड, स्वराज कालोनी आदि की करीब 50 हजार की आबादी पांच घंटे तक बिजली को तरस गई। उधर, अलीगंज में इंसुलेटर पंक्चर हो जाने की वजह से अलीगंज, मर्दननाका, गुलाबबाग व खाईंपार की बिजली तीन घंटे तक नहीं आई। इसके अलावा भूरागढ़ उप केंद्र और तुलसी नगर उपकेंद्र से जुड़े करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता बिजली को लेकर परेशान रहे।
शहर में हुआ जगह-जगह कीचड़
बांदा। शहर में गुरुवार को बारिश हुई तो लोगों को गर्मी राहत मिली, पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया। सब्जी मंडी के पास लोगों को कूड़े कचरे और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। इसी तरह अलीगंज,सेढ़ू तलैया, शंकर नगर और आजाद नगर में जल भराव हो गया और लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। शंकर नगर मोहल्ले में जल निकाली आगे बंद होने के कारण यहां हर बार बारिश में जल भराव होता है। लोगों का कहना है कि पालिका के अफसर कहते हैं कि रेलवे पटरी नई बनने के कारण ऐसा हो रहा है। समस्या का समाधान नहीं खोजा जा रहा है। जबकि इसके लिए कई बार डीएम व ईओ से कहा गया है।