मोहन पुरवा में मृतक प्रशांत के घर के बाहर इकट्ठा ग्रामीण।
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मटौंध (बांदा)। मौसी की मौत के दो माह बाद ही गोद लिए सोलह वर्षीय दत्तक पुत्र की भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव घर में कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के समय किशोर का मौसा और उसका पुत्र मौजूद थे। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है, जबकि कुछ खानदानी और गांव के लोग जायदाद के लिए हत्या की आशंका जता रहे हैं। किशोर के मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मटौंध थाना क्षेत्र के मोहन पुरवा में जयनारायण की पुत्री विपनेश निगम उर्फ बिक्को ने संतान न होने पर बहन का पुत्र पैदा होते ही गोद ले लिया था। इसका नाम प्रशांत निगम रखा था। प्रशांत मौसी बिक्को और नानी गिरजा देवी के साथ रह रहा था। बिक्को के पिता जयनारायण की मृत्यु हो चुकी है।
उनके नाम 30 बीघा जमीन है। बिक्को की तीन और बहनें हैं, जो अपनी ससुराल में रहती हैं। बिक्को की भी शादी हुई थी, लेकिन पति से निभ न पाने पर वह मायके में रह रही थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रही बिक्को का करीब दो माह पहले निधन हो गया। इसके बाद प्रशांत अकेला रह गया। रविवार की रात प्रशांत का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रशांत की मौसेरी बहन नेहा ने बताया कि रविवार को नरजिता (बांदा) गांव से उसके मौसा सुशील और उनका पुत्र विकास आए थे। घटना के समय रात में यही दोनों प्रशांत के साथ घर में मौजूद थे। गांव में यह भी चर्चा है कि संपत्ति हड़पने के लिए यह हत्या हो सकती है।
यह भी बताया कि कई साल पूर्व प्रशांत के नाना जयनारायण निगम और मामा अशोक निगम की अलग-अलग हत्या कर दी गई थी। उधर, क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रथमदृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। जांच की जा रही है। गांव वाले हत्या की बात कहकर अफवाह फैला रहे हैं।