नरैनी(बांदा)। यूपी की गायों को एमपी के जंगलों में छोड़ने और मरी व अधमरी गायों को दफन करने की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस घटना को अंजाम देने वालों की पहचान करने में जुट गई है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से अनुमति लेकर घटनास्थल से नरैनी तक विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे जाएंगे। पूरे सबूत इकट्ठा करने के बाद आरोपपत्र दाखिल करेंगे।
चार दिसंबर की रात नरैनी नगर पंचायत की मोतियारी मंडी समिति स्थित अस्थायी गोशाला से 10-11 ट्रकों में अन्ना गायों को भरकर मध्य प्रदेश के पहाड़ी खेरा (पन्ना) में देर रात छोड़ दिया गया। कई गायों की रास्ते में ट्रकों की मौत हो गई और कई घायल हो गईं। गायों के शवों के साथ अधमरी गायों को भी मिट्टी और भारी-भरकम पत्थरों के नीचे दफन कर दिया गया था।
इस मामले में नरैनी एसडीएम सुरजीत सिंह और नरैनी नगर पंचायत ईओ अमर बहादुर सिंह को निलंबित किया जा चुका है। ब्रजपुर थानाध्यक्ष बखत सिंह ने बताया कि जिन पेट्रोल पंपों व घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उन स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। कुछ लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। ट्रक चालकों और प्रत्यक्षदर्शियों की तलाश की जा रही है।
दोषियों को गो हत्या में जेल भेजा जाए
बांदा। बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और चित्रकूटधाम मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर कहा है कि दोषी अधिकारियों पर गो हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। ज्ञापन देने वालों में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के अलावा श्याम सरोज पाठक आदि मौजूद रहे।