बांदा। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय सत्यवीर सिंह की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में योगेंद्र गिरी को दोषमुक्त किया। यह फैसला दोनों पक्षों के बीच हुए सुलह-समझौते के आधार पर हुआ।
गिरवां थाना क्षेत्र के अरविंद कुमार मिश्रा ने योगेंद्र गिरी को 1.50 लाख रुपये उधार दिए थे। योगेंद्र गिरी ने 1.10 लाख रुपये का चेक दिया, जो खाते में धनराशि न होने से अनादरित हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न मिलने पर अरविंद कुमार मिश्रा ने न्यायालय में परिवाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय के प्रयास से दोनों पक्षों में समझौता हुआ। आरोपी ने परिवादी को ब्याज सहित 1.15 लाख रुपये का भुगतान किया। परिवादी ने शपथपत्र दिया कि उसे पूरी धनराशि मिल गई है। इसके बाद अदालत ने योगेंद्र गिरी को दोषमुक्त किया और उसके जमानत बांड निरस्त किए।