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Banda News: तेज आंधी ने उड़ाया टिनशेड, तो बारिश से भीगी फसलें

Sun, 05 Apr 2026 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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जसपुरा में आंधी से उड़ी टीन शेड। संवाद
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बांदा/जसपुरा/बदौसा। शनिवार की देर शाम एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की आफत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। तेज आंधी के चलते कई स्थानों पर टिनशेड उड़कर दूर जा गिरे। खेतों में खड़ी चना, गेहूं, सरसों और अरहर जैसी फसलों को नुकसान हुआ है।
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शनिवार की देर शाम अचानक हुए मौसम परिवर्तन से बांदा शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और आंधी से खेतों में तैयार खड़ी चना, गेहूं, सरसों और अरहर की फसल पानी में भीग गईं। हवा से खेत में पसर गईं। कुछ फसलें काटकर खेतों में ही ढेर लगाकर रखी गई थीं, जो अब बारिश के कारण भीग गई हैं।



इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और मेहनताना लगाकर फसल तैयार की थी। अब जब फसल घर लाने का समय आया, तभी मौसम की मार पड़ गई।
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उधर, बदौसा क्षेत्र में तेज आंधी और भारी बारिश ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसल और कटाई के इंतजार में पड़ी उपज को लेकर किसान पूरी रात बेचैन रहे। आसमान में छाए बादलों ने किसानों की धड़कनें और तेज कर दी हैं। बदौसा, बरछा, दुबरिया, भूसासी, उदयपुर, हड़हामाफी, पौहार, चंदौर और बनई पंचायतों के किसान मौसम के बदले मिजाज से खासे परेशान हैं।



बदौसा क्षेत्र के कई गांवों भारी बारिश में किसान रात से ही खेतों और खलिहानों की ओर दौड़ते नजर आए, ताकि फसल को किसी तरह सुरक्षित किया जा सके। ग्रामीण किसान मदन गोपाल द्विवेदी, सौरभ सिंह, लल्लू सिंह, मैयादीन यादव, नवल ने बताया कि गेहूं सहित अन्य फसलें इस समय बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं। ऐसे में आंधी और पानी ने नुकसान की आशंका बढ़ा दी है। किसानों को डर है कि यदि मौसम इसी तरह बिगड़ा रहा तो तैयार फसल को भारी क्षति हो सकती है।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि अप्रैल के महीने में आठ से 10 दिन तक मौसम बदलता रहेगा। बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसलों के लिए खासा नुकसान है। बारिश से भीगने से फसल सड़ने की संभावना है। किसान जितना हो सके उतना फसल को सुरक्षित कर लें।

जसपुरा में आंधी से उड़ी टीन शेड। संवाद

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