बांदा। जिले में बढ़ते अपराधों और पुलिस की लापरवाही पर वैश्य एकता परिषद ने नाराजगी जताई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में दीपचंद्र गुप्ता के घर पड़ी डकैती के मामले को लेकर बुधवार को परिषद के सदस्य पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिषद ने 14 अक्तूबर को धरना-प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
पहली अक्तूबर की रात बदमाशों ने दीपचंद्र गुप्ता के घर डाका डाला था। गृहस्वामी दंपति का मारपीटकर लहूलुहान करने के साथ ही उनके दो मासूम बेटाें को अगवा करने की कोशिश की थी। डकैत लाखों रुपये के जेवरात और कुछ नकदी लूट ले गए। एक हफ्ता बीतने को है। पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। मंगलवार को अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद और ट्रेडर्स इंडस्टी वेलफेयर एसोसिएशन की महेश्वरी देवी मंदिर परिसर में इस मुद्दे पर बैठक हुई। परिषद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्त ने कहा कि बांदा में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पा रही। उन्होंने मांग की कि दीपचंद्र के परिवार को शीघ्र शस्त्र लाइसेंस दिया जाएा। इसके अलावा 5 अक्तूबर को अतर्रा में नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के दोषियों पर भी सख्त कार्रवाई हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खबरदार किया कि इन घटनाओं को अतिशीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो 14 अक्तूबर को व्यापारी धरना प्रदर्शन और फिर जनांदोलन करेंगे।
अध्यक्षता कर रहे परिषद के मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि बुधवार सुबह 11 बजे डकैती पीड़ित परिवार के साथ परिषद का प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिलेगा और घटना के शीघ्र खुलासे की मांग करेगा। बैठक में पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र रावत, नगर अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राकेश गुप्ता, डॉ.रामराज गुप्ता, रत्नेश गुप्ता, अशोक गुप्ता, राम प्रसाद सोनी, संतोष अनशनकारी, वृंदावन वैश्य, गुड्डा अग्रवाल, मनीष गुप्ता, बाबू गुप्ता, पंकज गुप्ता, मनीष गुप्ता, रजत सेठ, निशांत खैरा, राज कुमार गुप्ता, प्रकाश चंद्र गुप्ता, कुलदीप साहू आदि शामिल रहे।