बांदा। शहर का अमन गैंगवार में गुम होता जा रहा है। बेरोजगारी और अन्य बुनियादी समस्याओं के मकड़जाल में फंसे शहरी युवा महानगरों की तर्ज पर हनक, रंगदारी और वर्चस्व के लिए आए दिन खूनी खेल खेल रहे हैं। पिछले कुछ अरसे में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। डेढ़ साल में छह जघन्य हत्याएं हुईं। इसके अलावा कई लहूलुहान भी हुए हैं। कई घटनाओं के बाद हंगामे और बवाल से शहर की कानून व्यवस्था पर भी आंच आई है। खास बात यह है कि जान लेने-देने वालों में मुस्लिम वर्ग के युवक ज्यादा हैं। शहर की कुछ बेहद चर्चित और सनसनीखेज घटनाएं इस प्रकार रहीं -
केस-1
30, मार्च, 2013 : मर्दन नाका दरी मोहाल निवासी शानू इलाहाबादी (28) को सरेशाम गूलर नाका मोहल्ला स्थित एक दुकान में खींचकर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस मामले में छह लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। भारी पुलिस बल के पहरे में अंतिम संस्कार हुआ।
केस-2
27, मई, 2013 : अलीगंज निवासी सब्जी कारोबारी शब्बीर राईन (35) को कार से इलाहाबाद हाईकोर्ट जाते समय अपहृत करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव बेंदाघाट में यमुना नदी में फेंक दिया गया। 11 दिन बाद नदी से कंकाल बरामद हुआ। कपड़े से मृत की पहचान हुई। वारदात को लेकर शहर में भारी हंगामा हुआ। हत्या में सपा नेताओं के शामिल होने से बवाल और बढ़ा। कई दिन सब्जी मंडी बंद रही। शव रखकर हाइवे पर घंटों जाम रहा। शब्बीर की दुश्मनी सपा नेता दिनेश शर्मा आदि से थी। इस हत्याकांड में आठ लोग नामजद किए गए।
केस-3
30, अक्तूबर, 2013 : मर्दन नाका निवासी इंतजार अहमद उर्फ मुन्नू (38) की रात करीब 9 बजे घने आबादी वाले इलाके डीएवी कॉलेज चौराहे के पास घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। वह बाइक से घर जा रहा था। यह हत्या मार्च माह में हुई शानू इलाहाबादी की हत्या के बदले में की गई। मृतक के भाई सपा नेता अंसार अहमद ने पिता-पुत्र समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
केस-4
12, अगस्त, 2014 : मटौंध नगर सपा अध्यक्ष और नगर पंचायत सदस्य बादल खां (40) और उनके मुनीम पंकज शुक्ला (24) की क्योटरा चौराहे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उस वक्त हत्या कर दी गई जब वह शाम करीब 6 बजे अपनी स्कार्पियो से बांदा से वापस मटौंध जा रहे थे। बादल खां की पत्नी नजमा ने बादल के पुराने दुश्मन जितेंद्र सिंह व छोटे खां को नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। बादल और जितेंद्र में तहबाजारी ठेके को लेकर रंजिश थी।
केस-5
25, मई, 2014 : विकलांग विद्यालय के पीछे एक-दूसरे के खून के प्यासे दो पड़ोसियों में एक ने अपने दुश्मन को मौत के घाट उतारने के लिए गोली चला दी। दुश्मन तो बच गया लेकिन पास मेें खड़े बेगुनाह 17 वर्षीय किशोर अन्नू की गोली लगने से मौत हो गई। एक महिला और उसकी मासूम बेटी घायल हो गई। इन दोनों दुश्मनों में वर्चस्व की जंग है। दो लोगोें पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
केस-6
6, सितंबर, 2014 : खुटला निवासी नरेंद्र (17) को उसके पड़ोसी मनीष द्विवेदी ने गोली मार दी। दोनों के बीच कोई संपत्ति आदि का विवाद नहीं था। सिर्फ हनक और वर्चस्व के लिए वारदात अंजाम दी गई। गंभीर रूप से घायल नरेंद्र का इलाज चल रहा है। आरोपी को घायल के परिजनों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया और मुकदमा दर्ज करा दिया।
केस-7
11, सितंबर, 2014 : सिविल लाइंस पुलिस चौकी और डीआईजी व एसपी आवास से चंद कदम दूर डॉ.एनडी शर्मा आवास के पास उमेश शुक्ला (28) और हिमांशु गुप्त (25) ने एक-दूसरे की गोली और धारदार हथियारों से जान लेने की कोशिश की। दिनदहाड़े करीब 11 बजे हुई घटना से सनसनी और दहशत फैल गई। दोनों लोगों को गंभीर अवस्था में कानपुर रेफर किया गया है। हिमांशु की ओर से चार और उमेश शुक्ला की तरफ से 11 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।