बांदा। शिद्दत की गर्मी में बिजली और पानी संकट से जूझ रहे उपभोक्ता अब सड़कों पर उतर रहे हैं। बेलन फौज के बैनर तले तमाम महिलाओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी कार्यालय में मटके फोड़े। सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में चेतावनी दी कि शीघ्र पानी-बिजली समस्या दूर न हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
बिजली की जबरदस्त कटौती और फाल्टों से कई-कई घंटे आपूर्ति बाधित रहने से जलापूर्ति भी लड़खड़ा गई है। मामूली फाल्ट दूर करने में भी पावर कारपोरेशन कर्मियों को घंटों लगते हैं। अधिकारी अपने बंगलों और मकानों से बाहर नहीं निकलते। लाइनमैन और पेट्रोल मैन के भरोसे शहर की बिजली व्यवस्था चल रही है। बिजली संकट का सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है। बेलन फौज बैनर तले प्रदर्शन में पानी के लिए परेशान नोनिया मोहाल समेत कई मोहल्लों की महिलाओं ने खाली मटके कलेक्ट्रेट में फोड़कर विरोध जताया। कुछ देर धरना देकर पावर कारपोरेशन और जल संस्थान अधिकारियों के विरुद्ध ‘मुर्दाबाद’ नारे लगाए।
सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कमांडर पुष्पा गोस्वामी ने कहा कि जल संस्थान की मनमानी से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। नोनिया मोहाल में बिछाई जा रही पाइप लाइन का कार्य ठप है। कई बार शिकायतों के बाद भी जल संस्थान ने अधूरी पाइप लाइन को पूरा नहीं किया। चेतावनी दी कि शीघ्र समस्या दूर न हुई तो उग्र आंदोलन होगा। ज्ञापन देने वालों में ललिता देवी, मीरा देवी, मुन्नी, सुनीता, रूपा चौहान, आरती, प्रकाशा, शोभा, रईसा, कला, राजकुमारी, केशर, कुसमा, कुरेशा, सुमित्रा, गीता चौहान, संतोष, बबिता, रामकली, हीराकली, सुशीला, कमला इत्यादि शामिल रहे।