बांदा। नगर पंचायत, बिसंडा चेयरमैन द्वारा वित्तीय अधिकार सीज किए जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने डीएम की संस्तुति और शासन के आदेश को औचित्य मानते हुए याचिका निरस्त की।
नगर पंचायत सदस्य रामकिंकर, रोहिणी देवी सहित 5 सदस्यों ने 6 माह पूर्व कमिश्नर व डीएम से शिकायत की थी कि चेयरमैन द्वारा कीटनाशक व फागिंग मशीन खरीद में अनियमितताएं की गईं हैं। और भी कई आरोप लगाए थे। तत्कालीन अतर्रा एसडीएम सुनील कुमार वर्मा ने जांच की और आरोप सही पाते हुए डीएम को रिपोर्ट दी। डीएम ने शासन को अवगत कराते हुए चेयरमैन से जवाब मांगा। लेकिन संतोषजनक उत्तर न देने पर डीएम की संस्तुति पर शासन ने जनवरी माह में चेयरमैन के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। नगर पालिका अधिनियम के तहत उप जिलाधिकारी सीबी सिंह को प्रशासक/अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
उधर, वित्तीय अधिकार सीज किए जाने के मामले में चेयरमैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने डीएम की संस्तुति और शासन के आदेश को औचित्यपूर्ण मानकर अध्यक्ष की याचिका निरस्त कर दी।