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न ओर न छोर पानी चहुंओर

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बांदा। लगातार दूसरे दिन भी गंगऊ और बरियारपुर बांधों से डिस्चार्ज हो रहे रिकार्ड पानी ने आधा सैकड़ा से ज्यादा गांवों में बाढ़ ला दी है। केन और यमुना दोनों ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उफनाई केन में एक व्यक्ति बह गया। छह घंटे बाद शव मिला। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों को खाली कराने के आदेश दिए हैं। बांदा-कानपुर मार्ग में लगभग एक मीटर पानी आ गया है। यह रास्ता बंद हो गया है।
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शुक्रवार को गंगऊ के जलस्तर में एक फुट की और वृद्धि हो गई। यह 740 फीट हो गया। डिस्चार्ज भी बढ़कर 3,79,467 क्यूसेक जा पहुंचा। उधर, बरियारपुर का जलस्तर भी एक फुट बढ़कर 624 फीट हो गया। इससे 4,36,436 क्यूसेक पानी केन नदी में डिस्चार्ज होता रहा। केन खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर 108 मीटर पैमाने पर पहुंच गई। यमुना नदी भी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर आ गई। इसका जलस्तर 101.84 मीटर हो गया। चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक बच्चा डेरा (तारा) गांव निवासी छोटा यादव उर्फ हट्टा (50) पुत्र भागीरथ शुक्रवार को दोपहर सड़क पर बह रहे केन नदी में बह गया। छह घंटे बाद शव घटनास्थल से चार किमी दूर पदारथपुर के पास झाड़ियों में फंसा मिला। वह मवेशी लेकर दोहतरा गांव जा रहा था। लेखपाल और कानूनगो के अलावा कोई अधिकारी घटनास्थल नहीं पहुंचे। चिल्ला, भवानीपुर, पदारथपुर, सादीमदनपुर, तारा, लौमर, खजुरी, लसड़ा गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं।
उधर, केन नदी किनारे आबाद ब्रह्मडेरा, छानी डेरा, टिकरी (दरदा) और उजरेहटा आदि गांव पानी से घिर गए हैं। शुक्रवार को यहां पहुंचे डीएम जीएस नवीन कुमार ने गांव खाली कराने के आदेश दिए। ग्रामीण बैलगाड़ी, ट्रैक्टर, टेंपो और पैदल अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। तमाम ग्रामीणों ने मवेशी के साथ खुले आसमान तले डेरा डाल रखा है। दरदा गांव में स्थानीय मल्लाहों ने अपनी 12 नावें लगा रखी हैं। नायब तहसीलदार गिरवर सिंह भी यहां पहुंचे। उधर, शुक्रवार को दोपहर जारी किए गए केंद्रीय जल आयोग बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के बुलेटिन में बताया कि केन नदी 107.90 मीटर पहुंच गई है। संभावना जताई गई है कि केन जहां अब घटेगी वहीं यमुना और बढ़ सकती है। पिछले 24 घंटों में गंगऊ बांध में 67 और रनगवां व बरियारपुर बांध में 30-30 मिलीमीटर बारिश हुई है। रनगवां बांध का जलस्तर 763.02 फीट हो गया है। इसकी अधिकतम क्षमता 765 फीट है। बांध को उफनाने से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने फाटक खोल दिए हैं।
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