बांदा। लॉकडाउन में उपभोक्ताओं ने बिजली बिल भी नहीं जमा किए। इनमें आम उपभोक्ता के अलावा कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 60 से अधिक सरकारी विभागों पर बिजली विभाग का 96 करोड़ 53 लाख रुपये का बकाया है। बिल की वसूली न होने और सरकार से बजट न मिलने की दोहरी मार से पावर कार्पोरेशन की हालत यह हो गई है कि बिजली उपकरणों की मरम्मत के लिए भी पैसा नहीं है
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चारों जिलों में 67 सरकारी दफ्तरों पर बिजली विभाग का 96.53 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें बांदा में 24.31 करोड़, महोबा में 40.48 करोड़, चित्रकूट में 13.35 करोड़ और हमीरपुर में 18.38 करोड़ की बकाएदारी है। बड़े बकाएदारों में शिक्षा, चिकित्सा, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और सहकारिता विभाग शामिल हैं।
इन पर 61.86 करोड़ रुपये बकाया है। विद्युत विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी इनसे वसूली नहीं हो पाई। इन विभागों का भी यही रोना है कि बिल अदायगी के लिए बजट नहीं है। ऐसे में पावर कार्पोरेशन आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। छोटे-छोटे मरम्मत के कार्य भी प्रभावित हैं। विभाग ने सरकारी विभागों पर वसूली के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। इन विभागों की कभी भी बिजली गुल हो सकती है।
मंडल के बड़े बकाएदार विभाग (रुपये लाख में)
विभाग बांदा चित्रकूट हमीरपुर महोबा
प्राथमिक शिक्षा 930.30 915.14 774.05 957.65
माध्यमिक शिक्षा 109.73 165.34 9.03 115.58
सहकारिता 306.67 - 00.81 -
पुलिस 185.68 - 64.37 119.08
चिकित्सा 192.15 146.67 814.88 86.10
पीडब्ल्यूडी 249.78 50.89 5.07 -
कृषि विपणन 110.77 21.28 2.32 -
कृषि 33.16 6.08 0.98 0.54
पशुपालन 32.61 - 9.06 0.93
सिंचाई 55.41 - 12.73 21.90
नगर विकास 14.35 - 6.56 -
राजस्व 7.35 10.34 0.07 70.61
अफसर बोले
कोरोना संक्रमण के चलते सरकार से बजट नहीं मिला। ऐसे में विभाग को बिजली उपकरणों की मरम्मत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। सरकारी विभाग बकाएदारी अदा कर दें तो विभाग की स्थिति बेहतर हो जाएगी। कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद बकाएदारी अदायगी के लिए विभागों पर दबाव बनाया जाएगा। -केके भारद्वाज, मुख्य अभियंता, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा