बांदा। कचहरी चौराहा से महाराणा प्रताप चौक होते हुए सर्किट हाउस तक (बहराइच-बांदा स्टेट हाईवे-13) दोनोें तरफ फुटपाथों और नए ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण पर अब प्रशासन ने नजरें टेढ़ी कर ली हैं। यहां दुकान, गुमटी, झोपड़ी, होटल, निर्माण सामग्री का ढेर इत्यादि के जरिए कब्जा किए अतिक्रमणकारियों को पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है। न हटाने पर पीडब्ल्यूडी खुद हटाकर हर्जा-खर्चा वसूल करेगी। सहमे दुकानदारों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम से नोटिस वापस लेने और कब्जा बरकरार रखने की फरियाद की।
उपरोक्त रूट पर दोनों तरफ सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमण हैं। ओवर ब्रिज के नीचे भी अवैध कब्जों की भरमार है। अतिक्रमणकारियों में उत्तर प्रदेश सेतु निगम भी है। निगम ने भी अपना कार्यालय का पक्का भवन पुल के नीचे बनवा रखा है। प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता ने फुटपाथ पर अतिक्रमण किए लोगों को अलग-अलग नोटिसें जारी कर तीन दिन में अतिक्रमण हटाने को कहा है। नोटिस मिलते ही दुकानदारों में खलबली मच गई।
शुक्रवार को दुकानदारों का जत्था कलेक्ट्रेट पहुंचा और सामूहिक हस्ताक्षरों से जिलाधिकारी को अर्जी सौंपी। इसमें कहा कि वह 30 वर्षों से पान, चाय, नाश्ता की गुमटी रखकर परिवार पाल रहे है। ओवर ब्रिज के नीचे कोई अतिक्रमण नहीं है। दुकानदारों ने कहा कि 26 मई को व्यापारियों की बैठक में मांग की गई थी कि नगर पालिका ओवर ब्रिज के नीचे एक तरफ गुमटियां बनवा दे।
ताकि दुकानदारों का गुजर-बसर हो सके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा कब्जा हटाने की नोटिसें जारी कर दी गई हैं। दुकानदारों ने डीएम से फरियाद की कि पीडब्ल्यूडी की नोटिसें वापस लेकर उन्हें दुकान चलाने दें। उधर, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने अतिक्रमण को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि शासन ने भी अतिक्रमण हटाने को कहा है। ज्ञापन देते वक्त दुकानदार रामेंद्र प्रताप, सोनू सक्सेना, भगवानदास, सुधीला देवी, मोहम्मद हनीफ खां, सुमन वर्मा, रज्जू, जीवन लाल, कमलेश कुमार, रामनारायण, मन्नी धुरिया, पवन कुमार, अभिलाष, सौरभ आदि मौजूद रहे।
-नोटिस पाकर अतिक्रमणकारी डीएम की ड्योढ़ी पर पहुंचे
-कचहरी चौराहे से सर्किट हाउस तक हटेगा अतिक्रमण
अमर उजाला ब्यूरो