बांदा। फॉगिंग व दवा छिड़काव में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने बांदा नगर पालिका ईओ व सेनेटरी सुपरवाइजर तथा संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष में फोन न उठने पर जिला मलेरिया अधिकारी समेत दो लोगों का वेतन रोक दिया। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की बैठक में जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि 14 अगस्त तक जिले को खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। जिला पंचायत राज अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को खुले में शौच से होने वाले रोगों व उसके प्रभाव के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा।
विद्यालयों में प्रार्थना के समय बच्चों को भी इसके प्रति जागरूक किया जाए। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहना चाहिए और आने वाली शिकायतों का तत्काल निराकरण कराएं। डीएम ने समक्षा के दौरान नगर पालिका द्वारा फागिंग व दवा छिड़काव में लापरवाही मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई।
अधिशाषी अधिकारी और सेनेटरी सुपर वाइजर ओमवीर सिंह का वेतन रोक दिया। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी की। जिले में स्थापित संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों को डीएम ने फोन मिलाया।
फोन न उठने पर जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहब सिंह और फील्ड वर्कर रमेशचंद्र, टिन स्मिथ दिव्यांशु सिंह के वेतन पर रोक लगा दी। तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया। कहा कि नगर पालिका व नगर पंचायते अगले दो दिन में डेंगू रोग से चिह्नित गांवों में दवाओं का छिड़काव कराएं।
-लापरवाह अफसरों से डीएम ने 3 दिन में मांगा जवाब
-नियंत्रण कक्ष के कर्मियों ने नहीं उठाया डीएम का फोन
-शहर में फॉगिंग व दवा छिड़काव में मिली लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो