बांदा। हड़ताल के 11वें दिन नौ लेखपाल और निलंबित कर दिए गए। इन्हें मिलाकर निलंबित लेखपालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। 42 लेखपालों को सर्विस ब्रेक का नोटिस दिया है। दूसरी तरफ शासन की इस दंडात्मक कार्रवाई का हड़ताली लेखपालों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा। उनकी हड़ताल और धरना जारी है। सदर तहसील में एक और लेखपाल हड़ताल से हटकर ड्यूटी पर आ गए हैं। इसे मिलाकर जिले में अब तक 5 लेखपाल हड़ताल से वापस आ गए हैं।
तीन दिन से रोजाना लेखपालों के निलंबन हो रहे हैं। शुक्रवार को नरैनी तहसील में 5 लेखपाल निलंबित किए गए। साथ ही 20 को नोटिस जारी की गई है। एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिन में लेखपाल ड्यूटी पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ और कार्रवाई की जाएगी। उधर, अतर्रा तहसील में भी 4 लेखपाल और सस्पेंड कर दिए गए। एसडीएम सौरभ शुक्ला ने बताया कि 22 लेखपालों को नोटिस जारी की गई है।
दूसरी तरफ लेखपाल निलंबन कार्रवाई से बेखौफ हैं। शुक्रवार को 11वें दिन भी उनकी हड़ताल और धरना जारी रहा। सदर तहसील में धरने पर बैठे जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह कुशवाहा और महामंत्री राकेश सिंह बुंदेला ने कहा कि निलंबन से लेखपाल डरने वाले नहीं हैं।
आंदोलन पूरे जोश के साथ जारी रहेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार व राजेंद्र सिंह समेत अब्दुल सलीम, बल्देव यादव, आशुतोष, प्रीती कुशवाहा, अश्वनी कुमार, राजकुमार सोनकर, धर्मराज कुशवाहा, संतोष त्रिपाठी, बाबूलाल, मुरली मनोहर, रामसजीवन, करूणाशंकर मिश्र, छत्रपाल, हरिओम यादव, दीपक त्रिपाठी, रामदास यादव, भानुप्रताप, संध्या सिंह, रजनी शिवहरे, सुरेश कुमार, सुधीर यादव, कुलदीप पटेल, गोरेलाल आदि मौजूद रहे। एसडीएम सदर सुरजीत सिंह ने बताया कि यहां लेखपाल अमरदीप हड़ताल से वापस आ गए। उनकी ब्रेक इन सर्विस नोटिस को निरस्त कर दिया गया है।