बांदा। हड़ताली लेखपालों पर प्रशासन से मिले निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सबसे पहले लेखपाल संघ के नेताओं और पदाधिकारियों पर गाज गिरी है। संघ के जिलाध्यक्ष समेत 19 लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें ज्यादातर संघ पदाधिकारी हैं। 13 ट्रेनी (प्रशिक्षु) लेखपालों को बर्खास्त करने की नोटिस जारी की गई है।
गुरुवार को लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हो गई। सदर तहसील में एसडीएम ए थमीम अंसरिया ने लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव (क्षेत्र पल्हरी) सहित जिला मंत्री अलखराम अवस्थी (क्षेत्र गुरेह), बांदा तहसील अध्यक्ष बालकृष्ण शिवहरे (क्षेत्र पड़ुई), तहसील मंत्री राकेश कुमार (क्षेत्र महोखर) और मूलचंद्र पटेल (प्रांतीय आडीटर) को निलंबित कर दिया है।
तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने गुरुवार को देर शाम बताया कि सदर के सभी 59 लेखपालों को शीघ्र बस्ते जमा करने की नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा सदर तहसील में कार्यरत 13 ट्रेनी लेखपालों को बर्खास्तगी की नोटिस दी गई है। इनमें सृष्टि त्रिपाठी, कुमारी सौम्या, कुमारी मेघा चतुर्वेदी, कुमारी संजना, कुमारी शिवानी गुप्ता, कुमारी निशा देवी, कुमारी रजनी देवी, रमेश कुमार यादव, रावेंद्र कुमार यादव, सचिन सिंह राठौर, गौरव सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, अमरदीप शामिल हैं।
बबेरू तहसील में लेखपाल संघ तहसील अध्यक्ष शिवचंद्र यादव, मंत्री रामजियावन वर्मा, उपाध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सस्पेंड कर दिए गए हैं। सभी 96 लेखपालों को नोटिस जारी की है। नरैनी तहसील में तहसील अध्यक्ष भानु चतुर्वेदी, मंत्री बुद्धविलास पांडेय और रांजेद्र द्विवेदी निलंबित हुए हैं। 42 लेखपालों को नोटिस दी गई है। अतर्रा तहसील में लक्ष्मण तिवारी और भगवंत वर्मा सहित चार लेखपाल सस्पेंड हुए हैं। पैलानी तहसील में भी चार लेखपालों को निलंबित किया गया है।