अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पिछले माह हुए ग्राम पंचायत अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों के बाद 50 फीसदी से ज्यादा ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप हैं। कहीं स्थानांतरित सचिवों ने चार्ज नहीं दिया तो कहीं खाते नहीं खुलवाए जा रहे। अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं।
मंडल के चारों जिलों में 973 ग्राम पंचायतें हैं। बांदा में 471, महोबा में 137, चित्रकूट में 195 और हमीरपुर में 170 ग्राम पंचायतें हैं। शासन ने नई नीति के तहत एक सचिव को एक ही न्याय पंचायत का कार्य सौंपने और तीन साल से एक ही ब्लाक में जमे सचिवों के तबादले के निर्देश दिए थे। इस पर चित्रकूटधाम मंडल में बड़ी संख्या में सचिवों के तबादले कर दिए गए, लेकिन स्थानांतरित ज्यादातर सचिवों ने नई तैनाती स्थल पर ज्वाइन नहीं किया। पुरानी ग्राम पंचायत का चार्ज नहीं छोड़ा।
यह भी पता चला है कि बीडीओ की ओर से सचिवों को आवंटित गांवों पर जिला पंचायत राज अधिकारियों ने रोक लगा दी थी। इसके जवाब में खंड विकास अधिकारियों ने स्थानांतरित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नई ग्राम पंचायतों का चार्ज ही नहीं दिलाया। हालांकि मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान लेने के बाद स्थिति में कुछ सुधार आ रहा है।
उधर, मंडलीय उप निदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह का कहना है कि आदेश का अनुपालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। सचिवों की लापरवाही से ग्राम पंचायतों में कार्य प्रभावित हुए तो कार्रवाई होगी। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य किसी भी कीमत पर नहीं बाधित होने पाएंगे।
तीन साल से ब्लाकों में जमे सचिवों का हुआ था तबादला
सचिवों के तबादले से ग्राम पंचायतों में विकास बाधित